Surajpur Crime News: सूरजपुर में आदिवासी युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म; सोशल मीडिया पर हुई थी दोस्ती
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से महिला सुरक्षा और सामाजिक अपराध से जुड़ा एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक आदिवासी युवती के साथ शादी का झूठा झांसा देकर लंबे समय तक दैहिक शोषण (शारीरिक शोषण) किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित युवती की लिखित शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन इस बात को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि घटना के कई महीने बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी अब तक सुनिश्चित नहीं हो सकी है।
📱 अजाक थाने में पीड़िता ने दर्ज कराई रिपोर्ट: चांदनी-बिहारपुर के प्रदीप अग्रहरि पर लगा शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप
पूरे मामले की विस्तृत पृष्ठभूमि को लेकर आपको बता दें कि पीड़िता ने जिले के विशेष अजाक (AJAK) थाने में जाकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस को दिए बयानों में पीड़िता ने बताया कि चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के रहने वाले प्रदीप अग्रहरि नाम के युवक से उसकी पहली पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत बढ़ने लगी और दोनों के बीच नजदीकियां काफी बढ़ गईं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी प्रदीप ने उसे कानूनी रूप से शादी करने का पूरा भरोसा दिलाया और इसी झूठे वादे की आड़ में उसकी सहमति के बिना उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
💔 शादी के वादे से मुकरा आरोपी: खुद को ठगा महसूस कर पीड़िता पहुंची पुलिस की शरण, दर्ज हुआ संगीन धाराओं में मुकदमा
पीड़िता ने अपने गंभीर आरोपों में आगे कहा कि आरोपी युवक लगातार शादी करने का खोखला आश्वासन देकर उसका शोषण करता रहा। लेकिन जब युवती ने उस पर सामाजिक रूप से शादी करने का दबाव बनाया, तो उसने साफ तौर पर शादी करने से इनकार कर दिया और उसे छोड़ दिया। खुद को पूरी तरह ठगा हुआ और प्रताड़ित महसूस करने पर समाज के सहयोग से युवती ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस से की। इस संवेदनशील शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी प्रदीप अग्रहरि के खिलाफ दुष्कर्म (बलात्कार) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
👮 संभावित ठिकानों पर पुलिस की दबिश जारी: महीनों बाद भी गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार और समाज में भारी नाराजगी
इस पूरे मामले पर सूरजपुर के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और आदिवासियों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस की विशेष टीमें गठित कर फरार आरोपी की तलाश सरगर्मी से की जा रही है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है ताकि उसे जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके। हालांकि, एफआईआर दर्ज हुए कई महीने का लंबा समय बीत जाने के बावजूद आरोपी का पुलिस की पकड़ से बाहर होना स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, जिसके कारण पीड़ित पक्ष और स्थानीय आदिवासी समाज में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। फिलहाल स्थानीय पुलिस का दावा है कि आरोपी की पतासाजी लगातार जारी है और बहुत जल्द उसे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।