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MCB Ganja Seized: एमसीबी जिले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई; लावारिस कारों से 60 लाख का 565 किलो गांजा जब्त

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में नशे के अवैध कारोबार और अंतरराज्यीय तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में स्थानीय पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है. जिले के उजियारपुर क्षेत्र में पुलिस को चकमा देकर भाग रहे नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ा एक्शन देखने को मिला है. पुलिस ने क्षेत्र में लावारिस हालत में लावारिस खड़ी दो संदिग्ध कारों को घेराबंदी कर अपने कब्जे में लिया, जिनकी सघन तलाशी लेने पर भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ (गांजा) बरामद किया गया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों वाहनों से कुल 565 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी जा रही है.

🎯 खुफिया सूचना पर हरकत में आई एमसीबी पुलिस: सीएसपी दीपिका मिंज बोलीं—’जिले की सबसे बड़ी ड्रग सीजर में से एक’

इस सुनियोजित और त्वरित कार्रवाई के संबंध में प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस की खुफिया विंग को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि उजियारपुर इलाके के एक सुनसान रास्ते पर दो संदिग्ध कारें पिछले काफी समय से लावारिस और अचेत हालत में खड़ी हैं. इस पुख्ता इनपुट के आधार पर पोड़ी थाना प्रभारी के नेतृत्व में तत्काल पुलिस की एक विशेष रेडिंग टीम गठित कर मौके पर भेजी गई. पुलिस टीम ने जब चारों तरफ से घेराबंदी कर दोनों बंद वाहनों के तालों को खोला और उनकी गहन तलाशी ली, तो कारों के भीतर सीटों के नीचे और डिक्की में गुप्त केबिन बनाकर गांजा छिपाकर रखा गया था.

“गहन जांच के दौरान पहली कार से 305 किलोग्राम तथा दूसरी कार से 260 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. इस प्रकार दोनों संदिग्ध वाहनों से कुल 565 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया है. बरामद गांजे की भारी मात्रा को देखते हुए यह इस चालू वर्ष में जिले की सबसे बड़ी नशा तस्करी की घटनाओं में से एक मानी जा रही है.” — दीपिका मिंज, सीएसपी, चिरमिरी

🚗 ओडिशा नंबर की हैं दोनों गाड़ियां: पुलिस की भनक लगते ही वाहन छोड़ भागे अंतरराज्यीय तस्कर

तकनीकी जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि पकड़े गए दोनों चौपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर पड़ोसी राज्य ओडिशा (Odisha) के हैं. पुलिस के अनुसार, अंतरराज्यीय तस्करों को संभवतः पुलिस की नाकेबंदी और गश्ती दल की भनक समय से पहले लग गई थी, जिसके कारण वे पकड़े जाने के डर से राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही गाड़ियों को लावारिस छोड़कर घने जंगलों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए. इसी वजह से फिलहाल मौके से किसी भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पोड़ी थाना पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

🔍 चेसिस नंबर और तकनीकी साक्ष्यों से तस्करों की कुंडली खंगाल रही पोड़ी पुलिस: अन्य राज्यों में सप्लाई की थी बड़ी साजिश

सीएसपी चिरमिरी दीपिका मिंज ने आगे बताया कि दोनों वाहन ओडिशा राज्य में पंजीकृत हैं, इसलिए ओडिशा परिवहन विभाग और वहां की स्थानीय पुलिस से संपर्क साधकर गाड़ियों के मालिकों, इंजन नंबर, चेसिस नंबर तथा अन्य तकनीकी व फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मुख्य तस्करों की वास्तविक पहचान करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है. पुलिस को अंदेशा है कि गांजे की यह विशाल और अवैध खेप ओड़िशा के नक्सल प्रभावित अंदरूनी इलाकों से लोड कर छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश या उत्तर प्रदेश जैसे अन्य बड़े राज्यों में खपाने के लिए ले जाई जा रही थी. लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस के कड़े पहरे और डर के कारण आरोपियों को अपनी गाड़ियां यहीं छोड़नी पड़ीं. पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन आगे भी निरंतर जारी रहेगा.