Bastar Crime News: जगदलपुर जेल के बाथरूम में गिरने से बंदी रमेश कुंजम की मौत; एएसपी माहेश्वर नाग का बयान
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले जगदलपुर शहर की केंद्रीय जेल (Central Jail) एक बार फिर बड़े विवादों और चर्चाओं के घेरे में आ गई है। बीते मात्र पांच दिनों के भीतर जेल परिसर के अंदर दो बंदियों की मौत का एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। गौरतलब है कि पिछले रविवार को तड़के एक महिला बंदी ने जेल के अंदर बैरक में रहस्यमयी परिस्थितियों में अपनी जान दे दी थी। इस घटना की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि अब नक्सल अपराध के मामले में जेल में बंद एक और विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस तरह लगातार हो रही मौतों ने जेल प्रशासन की सुरक्षा, बंदियों की मानसिक-शारीरिक देखभाल और जेल मैनुअल की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
📋 बस्तर पुलिस ने दी घटना की आधिकारिक जानकारी: बीजापुर का निवासी था मृतक रमेश कुंजम, दंतेवाड़ा से किया गया था शिफ्ट
इस दुखद और गंभीर घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बस्तर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) माहेश्वर नाग ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृत बंदी की पहचान रमेश कुंजम के रूप में की गई है, जो मूल रूप से पड़ोसी बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लिंगापुर गांव का निवासी था। रमेश कुंजम गंभीर नक्सली मामलों में संलिप्तता के आरोप में जेल में न्यायिक रिमांड पर बंद था। उसे सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से पिछले साल नवंबर 2025 में दंतेवाड़ा जिला जेल से जगदलपुर केंद्रीय जेल में स्थानांतरित (शिफ्ट) किया गया था, जहाँ वह लगातार बंद था।
🏥 जेल के बाथरूम में गिरने से आई थी गंभीर चोट: डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह तोड़ा दम
घटनाक्रम की कड़ियों को साझा करते हुए एएसपी माहेश्वर नाग ने बताया कि बीते 4 जून को जेल परिसर के भीतर बने बाथरूम (शौचालय) में अचानक पैर फिसल कर गिरने से बंदी रमेश कुंजम के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। जेल के डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार देने के बाद भी जब उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी, तो जेल प्रबंधन ने उसे तत्काल आपातकालीन स्थिति में डिमरापाल मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (Mekahar) में भर्ती कराया। जहाँ सघन चिकित्सा कक्ष में इलाज के दौरान आज शुक्रवार की सुबह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
“बंदी रमेश कुंजम की अस्पताल में मौत के बाद स्थानीय कोतवाली थाने में मर्ग कायम कर लिया गया है। चूंकि यह मामला जेल अभिरक्षा (Judicial Custody) में मौत का है, इसलिए नियमानुसार मजिस्ट्रेट जांच के साथ-साथ इस पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कोतवाली थाना जगदलपुर की पुलिस टीम द्वारा की जा रही है।” — माहेश्वर नाग, एएसपी, बस्तर
🔍 मजिस्ट्रेट जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का असली राज: स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मानवाधिकार संगठन भी सक्रिय
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस संवेदनशील घटना की पूरी और विस्तृत फॉरेंसिक व कानूनी जांच के बाद ही केस में असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। हालांकि, जगदलपुर केंद्रीय जेल में लगातार पांच दिनों के भीतर हुई इन दो बड़ी घटनाओं के बाद जेल के भीतर बंदियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं, आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन और जेल प्रहरियों की कार्यप्रणाली को लेकर बस्तर के मानवाधिकार कार्यकर्ता और बंदियों के परिजन गंभीर सवाल उठा रहे हैं। लगातार दो कैदियों की असमय मौत ने जेल के भीतर के सुरक्षा वातावरण को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिससे निपटने के लिए अब जेल महानिदेशक स्तर पर भी रिपोर्ट तलब किए जाने की संभावना है।