Kawardha Fertilizer Crisis: कवर्धा में खाद की कालाबाजारी पर कलेक्टर गोपाल वर्मा का बड़ा एक्शन; ग्रामीण क्षेत्रों का किया दौरा
वैश्विक खाद संकट के इस दौर में छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देशानुसार राज्य में रासायनिक खादों की सप्लाई और पारदर्शी वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. इस बीच कवर्धा जिले के कलेक्टर गोपाल वर्मा पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. जिले में खाद की कालाबाजारी (Black Marketing) और जमाखोरी के कारण पैदा की जा रही कृत्रिम कमी की लगातार मिल रही जन-शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्वयं ग्रामीण क्षेत्रों का तूफानी दौरा किया. खाद की दुकानों का कड़ा जायजा लेने और जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने के बाद कलेक्टर सीधे जिला अस्पताल भी पहुंचे और वहां देर तक रुककर आम नागरिकों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानी.
🌾 पर्याप्त स्टॉक के बाद भी दुकानदारों ने रची थी कमी की साजिश: कलेक्टर ने खुद खड़े होकर निर्धारित सरकारी मूल्य पर बंटवाई खाद
दरअसल, कवर्धा जिले के सरकारी गोदामों में खादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद कुछ निजी और सहकारी खाद विक्रेताओं द्वारा जानबूझकर कृत्रिम कमी दिखाकर किसानों को परेशान करने और ऊंचे दामों पर खाद बेचने की शिकायतें जिला प्रशासन को लगातार मिल रही थीं. इन गंभीर शिकायतों को प्राथमिकता पर लेते हुए कलेक्टर गोपाल वर्मा स्वयं अंदरूनी गांवों में पहुंचे और खाद विक्रेताओं की दुकानों के स्टॉक व पीओएस (POS) मशीनों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कतार में लगे पीड़ित किसानों से सीधे चर्चा कर उनकी जमीनी समस्याएं सुनीं तथा अपनी प्रत्यक्ष मौजूदगी में ही निर्धारित सरकारी मूल्य पर किसानों को खाद का सुचारू वितरण सुनिश्चित कराया.
📋 दुकान संचालकों को अल्टीमेटम—’स्टॉक बोर्ड नहीं लगाया तो होगी जेल’: किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों पर कसेगा शिकंजा
गहन निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दोषी दुकान संचालकों को कानूनन सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों के साथ किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, तौल में गड़बड़ी या खाद की कालाबाजारी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने जिले की सभी खाद दुकानों में प्रतिदिन उपलब्ध रहने वाले खाद के स्टॉक और उसकी निर्धारित कीमत की सही व अद्यतन (Updated) जानकारी अनिवार्य रूप से दुकान के बाहर मुख्य बोर्ड पर प्रदर्शित करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि अनपढ़ और ग्रामीण किसानों को भी खाद की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके और उन्हें किसी बिचौलिए या अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
“खाद की किसी भी प्रकार की गड़बड़ी और कालाबाजारी को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा. खाद से जुड़ी पल-पल की जानकारी दुकान संचालकों को अपनी दुकान के बाहर लगे सूचना बोर्ड पर स्पष्ट अक्षरों में प्रदर्शित करनी होगी, ऐसा न करने वालों के लाइसेंस तुरंत निरस्त किए जाएंगे.” — गोपाल वर्मा, कलेक्टर, कवर्धा
🏥 खाद दुकानों के बाद सीधे जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर: वार्डों का निरीक्षण कर डॉक्टरों को दी संवेदनशीलता बरतने की हिदायत
ग्रामीण क्षेत्रों में खाद दुकानों के औचक निरीक्षण की कार्रवाई पूरी करने के बाद कलेक्टर गोपाल वर्मा का काफिला सीधे कवर्धा के जिला अस्पताल पहुंचा. यहाँ उन्होंने सामान्य वार्ड, ओपीडी और आपातकालीन कक्षों का गहन निरीक्षण किया तथा भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से वन-टू-वन बात कर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को परखा. उन्होंने अस्पताल में निःशुल्क इलाज, सरकारी दवाइयों की उपलब्धता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के संबंध में सिविल सर्जन से विस्तृत रिपोर्ट ली. कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक गरीब मरीज का इलाज पूरी संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और जिम्मेदारी के साथ किया जाए. उन्होंने विशेष रूप से दूरस्थ वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने तथा ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी.