Karnal Crime News: गोंदर गांव में सूरज की हत्या से तनाव, गुस्साए परिजनों ने लगाया करनाल-कैथल हाईवे पर जाम
करनाल : हरियाणा के करनाल जिले के गोंदर गांव में 25 वर्षीय युवक सूरज की बेरहमी से हत्या के बाद इलाके में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. न्याय की मांग को लेकर गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने निसिंग में करनाल-कैथल मार्ग को जाम कर दिया है. गुरुद्वारे के सामने लगाए गए इस जाम के चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया है.
न्याय की मांग पर अड़े परिजन : परिजनों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे. मृतक के पिता कर्मबीर ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, जबकि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं.
सड़क पर उतरा गुस्सा, पुलिस के सामने चुनौती : रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और जाम लगा दिया. स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है. निसिंग थाना पुलिस और अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोग अपनी मांगों पर डटे हुए हैं.
18 अप्रैल को हुई थी हत्या : घटना 18 अप्रैल की रात की है, जब सूरज गांव की गली में मौजूद था. तभी बाइक पर सवार तीन हथियारबंद बदमाश वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. हमले में सूरज को सिर और छाती पर गंभीर चोटें आईं हैं. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई है.
पुरानी रंजिश की आशंका : पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्या का संबंध वर्ष 2019 के एक पुराने केस से हो सकता है. उस मामले में गांव के ही कपिल नामक युवक की हत्या हुई थी, जिसमें सूरज आरोपी था. वो लंबे समय तक जेल में रहा और करीब एक साल पहले ही जमानत पर बाहर आया था. अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं ये बदले की कार्रवाई तो नहीं.
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस : मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया खुद मौके पर पहुंचे. पुलिस टीम गांव के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं.
प्रशासन का भरोसा, लेकिन बढ़ता दबाव : थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता परिजनों को समझाकर जाम खुलवाना और हालात को सामान्य करना है.