ब्रेकिंग
Skanda Shashti 2026: स्कंद षष्ठी पर भगवान कार्तिकेय को लगाएं ये विशेष भोग; मिलेगा शत्रुओं पर विजय का... Mobile Data या WiFi: फोन की बैटरी बचाने के लिए कौन सा विकल्प है बेहतर? जानें तकनीकी कारण Netweb Technologies Growth: AI का 'पावरहाउस' बनी नेटवेब टेक्नोलॉजीज; 90% की कमाई उछाल और शून्य कर्ज ... Moscow Drone Attack: यूक्रेन का मॉस्को पर सबसे बड़ा हमला; रूसी S-400 सिस्टम क्यों हुआ फेल? Deepika Padukone News: 'कॉकटेल' प्रमोशन के दौरान दीपिका का बेबाक बयान चर्चा में; जानें क्या कहा था ए... Harshit Rana Returns: चोट से उबरकर हर्षित राणा की धमाकेदार वापसी; चेन्नई वनडे में अफगानिस्तान के खिल... Karnataka MLC Election Results: डी.के. शिवकुमार की पहली बड़ी जीत; विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस का द... Andhra Pradesh News: चित्तूर में मेले के दौरान रोकी गई भैंस की बलि; प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से ब... PM Modi G-7 Summit 2026: फ्रांस और स्लोवाकिया की सफल यात्रा के बाद स्वदेश लौटे पीएम मोदी; मजबूत हुई ... Rahul Gandhi Birthday: राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने दी बधाई; जानें उनके राजनीतिक सफर...

रहमान को अपना परिचय बताने में दिक्कत क्यों… रामदेव ने किया योगी सरकार के फैसले का स्वागत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांवड़ यात्रा के तहत कांवड़ रूट पर मौजूद सभी रेढ़ी वालों को अपनी दुकान के सामने अपना नाम लिखने का आदेश दिया. जिसके बाद इस आदेश पर सियासत छिड़ गई और वार-पलटवार का सिलसिला शुरू हो गया है. हर तरफ से नाम लिखने के आदेश के खिलाफ से लेकर इसके समर्थन में बयान सामने आ रहे हैं. इसी कड़ी में अब योग गुरु स्वामी रामदेव ने भी बयान जारी किया है.

योग गुरु स्वामी रामदेव ने नाम लिखने के आदेश का समर्थन करते हुए कहा, जब स्वामी रामदेव को अपना नाम छुपाने की कोई जरूरत नहीं है, अपना परिचय देने में कोई दिक्कत नहीं है, तो फिर रहमान को अपना परिचय बताने में क्यों दिक्कत है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग में दुकान और ढाबों में मालिकों की नेम प्लेट लगाने के निर्णय का स्वागत किया है. साथ ही उन्होंने कहा, कांवड़ियों को नशे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए शिव ने तो नशा छुड़ाया है.

उत्तराखंड सरकार की भी सराहना की

साथ ही बाबा रामदेव ने उत्तराखंड सरकार की भी सराहना की. उन्होंने कहा, उत्तराखंड सरकार के चारों धामों के पेटेंट का जो कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया गया है, वह स्वागत योग्य है. पौराणिक मंदिरों और तीर्थ स्थलों की प्रति कृति नहीं बनाई जा सकती यह गलत है.

आदेश पर घमासान

दूसरी तरफ कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इस नियम का पुरजोर विरोध किया है. सभी का कहना है कि पहले भी कांवड़ यात्राएं होती आई हैं, लेकिन इस तरह का नियम लाकर राज्य सरकार वर्ग विशेष को निशाना बना रही है. विपक्ष ही नहीं भाजपा के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकदल, जनता दल यूनाइटेड और लोजपा (आर) ने भी योगी सरकार के इस फैसले को गैर-जरूरी बताया है.

मुजफ्फरनगर के बाद पूरे प्रदेश में अनिवार्य

कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सबसे पहले डीआईजी ने आदेश दिया था कि कांवड़ रूट पर मौजूद दुकानों के मालिक का नाम लिखा जाएगा. जिसके बाद इस पर हर तरफ से सियासी घमासान शुरू हो गया. फिर जब इस मामले पर हंगामा मचा तो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया. योगी सरकार ने आदेश जारी किया कि अब पूरे प्रदेश में नेम प्लेट का यह आदेश लागू होगा. सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ रूट पर मौजूद सभी दुकानों पर नेम प्लेट लगाने का आदेश जारी किया है. इसके तहत कांवड़ रूट पर खाने-पीने की दुकानों पर नेमप्लेट लगानी होगी. दुकानों पर मालिक का नाम साथ ही पता लिखना भी अनिवार्य होगा.