ब्रेकिंग
IND vs AFG ODI Series: भारतीय पेसर्स का घातक हथियार 'शॉर्ट बॉल'; अफगानिस्तान की हार का सबसे बड़ा कारण Sanchita Ugale Death: 22 साल की एक्ट्रेस के निधन पर करणवीर बोहरा का बड़ा बयान; टीवी इंडस्ट्री के 'कड़व... G-7 Summit Viral Video: इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी की बेटी का वीडियो वायरल; कैमरे के सामने शर्मा... LPG Price Update: रसोई गैस की कीमतों में बड़ा अंतर; जानें मुंबई से लेह तक क्या है आपके सिलेंडर का रे... Petrol Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद क्या सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल? जानें ... Nirjala Ekadashi 2026: इस बार निर्जला एकादशी पर बन रहे 4 दुर्लभ महासंयोग; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा ... Monsoon Skin Care: ऑयली स्किन से हैं परेशान? मानसून में चिपचिपाहट दूर करने के असरदार घरेलू उपाय Telegram Ban & VPN: NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर पाबंदी, यूजर्स VPN के जरिए लगा रहे जुगाड़ Tonk Murder Case: चांदी के गहनों के लालच में पड़ोसन की बेरहमी से हत्या; 10 थानों की पुलिस ने ऐसे पकड़ा... Sitapur Crime News: वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 महिलाओं को बनाया शिकार; करोड़ों की ठगी करने वाला अन...

Sitapur Crime News: वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 महिलाओं को बनाया शिकार; करोड़ों की ठगी करने वाला अनुज त्रिवेदी गिरफ्तार

सीतापुर/ग्रेटर नोएडा: वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे करोड़ों रुपये ठगने वाले एक शातिर ठग अनुज त्रिवेदी को महाराष्ट्र पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। मूल रूप से सीतापुर के मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रावल गांव का रहने वाला अनुज, वर्षों से नाम बदलकर महिलाओं को निशाना बना रहा था। जांच में खुलासा हुआ है कि उसने कम से कम 25 महिलाओं को अपना शिकार बनाया है।

💰 97 लाख की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला

ठगी की शुरुआत वर्ष 2022 में ठाणे की एक बुजुर्ग महिला की शिकायत से हुई। अनुज ने विज्ञापन के जरिए उनकी 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया और 2019 में शादी कर ली। इसके बाद उसने नया मकान बनवाने के नाम पर 82 लाख रुपये हड़प लिए। इतना ही नहीं, फरवरी 2022 में एक रिश्तेदार की शादी का बहाना बनाकर वह पीड़िता से 33 तोला सोना लेकर रफूचक्कर हो गया। कुल मिलाकर उसने उस परिवार से 97 लाख रुपये की धोखाधड़ी की।

🎭 बदलता रहा नाम और पहचान

महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, अनुज बेहद शातिर है। उसने अजय अग्रवाल, संतोष सिंह, जयप्रकाश और रमेश चंद्र गुप्ता जैसे कई फर्जी नामों का इस्तेमाल किया। गिरफ्तारी के समय वह ग्रेटर नोएडा में ‘चंद्रप्रकाश त्रिवेदी’ के नाम से रह रहा था। पुलिस को उसके पास से फर्जी आधार कार्ड और कई मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।

📈 गार्ड से करोड़पति बनने का काला सच

अनुज का सफर करीब 27 साल पहले लखनऊ में एक सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर शुरू हुआ था। धीरे-धीरे उसने सिक्योरिटी एजेंसी और प्रॉपर्टी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली। लखनऊ में आलीशान कोठी, नैमिषारण्य में मकान और अपने गांव में एक स्कूल तक खोल लिया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उसके बेटे की भूमिका इस नेटवर्क में क्या थी और उसने ठगी के पैसों को किन-किन संपत्तियों में निवेश किया है।