ब्रेकिंग
IND vs AFG ODI Series: भारतीय पेसर्स का घातक हथियार 'शॉर्ट बॉल'; अफगानिस्तान की हार का सबसे बड़ा कारण Sanchita Ugale Death: 22 साल की एक्ट्रेस के निधन पर करणवीर बोहरा का बड़ा बयान; टीवी इंडस्ट्री के 'कड़व... G-7 Summit Viral Video: इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी की बेटी का वीडियो वायरल; कैमरे के सामने शर्मा... LPG Price Update: रसोई गैस की कीमतों में बड़ा अंतर; जानें मुंबई से लेह तक क्या है आपके सिलेंडर का रे... Petrol Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद क्या सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल? जानें ... Nirjala Ekadashi 2026: इस बार निर्जला एकादशी पर बन रहे 4 दुर्लभ महासंयोग; जानें शुभ मुहूर्त और पूजा ... Monsoon Skin Care: ऑयली स्किन से हैं परेशान? मानसून में चिपचिपाहट दूर करने के असरदार घरेलू उपाय Telegram Ban & VPN: NEET परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर पाबंदी, यूजर्स VPN के जरिए लगा रहे जुगाड़ Tonk Murder Case: चांदी के गहनों के लालच में पड़ोसन की बेरहमी से हत्या; 10 थानों की पुलिस ने ऐसे पकड़ा... Sitapur Crime News: वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 महिलाओं को बनाया शिकार; करोड़ों की ठगी करने वाला अन...

Ayodhya Ram Mandir Investigation: चढ़ावे में गड़बड़ी मामले की जांच तेज; अब डॉ. अनिल कुमार मिश्र से पूछताछ करेगी SIT

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों और चढ़ावे में गड़बड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़े नाम सामने आ रहे हैं। अब जांच एजेंसियों की निगाहें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और मंदिर व्यवस्था की निगरानी के प्रमुख डॉ. अनिल कुमार मिश्र पर टिक गई हैं। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही एसआईटी (SIT) के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।

⚖️ SIT का गठन और रिपोर्ट की समयसीमा

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसमें लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस., और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन कुमार शामिल हैं। टीम को एक सप्ताह में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपनी है।

⚠️ आरोपी टिन्नू के दावों से बढ़ीं मुश्किलें

मुख्य आरोपी रामशंकर यादव (उर्फ टिन्नू), जो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर रह चुका है, उसने पूछताछ के दौरान डॉ. अनिल मिश्र की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चूंकि मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं, चढ़ावे की गणना और निगरानी की प्रमुख जिम्मेदारी डॉ. मिश्र के पास थी, इसलिए जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस दौरान प्रशासनिक चूक हुई या जानबूझकर गड़बड़ी की गई।

✈️ चेन्नई से लौटने के बाद पूछताछ की तैयारी

जांच शुरू होने के ठीक पहले डॉ. अनिल मिश्र आंखों के इलाज के लिए चेन्नई चले गए थे। उनके अयोध्या लौटने के बाद से ही उनके और एसआईटी के बीच पूछताछ की संभावना प्रबल हो गई है। एसआईटी पहले ही महासचिव चंपत राय और मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव से आवश्यक जानकारी जुटा चुकी है। अब डॉ. मिश्र से पूछताछ इस मामले के कई अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठा सकती है।