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कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध

कटनी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के कटनी जिले से सड़क का जन्मदिन मनाए जाने का एक बेहद अजीबोगरीब और अनूठा मामला सामने आया है।

कटनी जिले की बड़वारा तहसील अंतर्गत बसाड़ी मार्ग पर बाकायदा केक काटकर सड़क की वर्षगांठ मनाई गई। दरअसल, 11 सालों से उपेक्षा की शिकार और पूरी तरह जर्जर हो चुकी इस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने यह अनोखा सांकेतिक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। वर्तमान में सड़क की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि आए दिन राहगीर, स्कूली बच्चे, दुपहिया वाहन चालक और मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस भी इन गहरे गड्ढों में फंस जाती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे प्रतिदिन यहां से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है।

🎂 युवा कांग्रेस के नेतृत्व में कटी सड़क की 11वीं वर्षगांठ का केक, 11 वर्षों से जस की तस बनी है स्थिति

सड़क की इस लगातार उपेक्षा और बदहाली के विरोध में युवा कांग्रेस नेता राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला।

प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही टेबल लगाकर केक काटा और इस जर्जर मार्ग की 11वीं वर्षगांठ मनाकर प्रशासनिक उदासीनता की ओर ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि वे बीते 11 वर्षों से लगातार इस सड़क के नव-निर्माण और जीर्णोद्धार की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन शासन और प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है और धरातल पर स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।

📢 प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी: “जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो चक्का जाम करेंगे”

कांग्रेस नेता राघवेंद्र सिंह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया, “हम लोग पिछले 11 वर्षों से सड़क के सुधार के लिए लगातार जन-आवाज उठा रहे हैं। कई बार धरना-प्रदर्शन किए गए और जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए, परंतु अभी तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका।”

उन्होंने आगे कहा, “यह मार्ग केवल स्थानीय लोगों के आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के स्कूली बच्चों, मजदूरों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके बावजूद जिम्मेदार तंत्र लापरवाही बरत रहा है। यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।”

🚑 एम्बुलेंस चालकों व गर्भवती महिलाओं की जान पर आफत, ग्रामीणों ने बयां किया दर्द

क्षेत्रीय ग्रामीणों ने अपनी गंभीर परेशानियों को साझा करते हुए बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस और अन्य वाहनों को इस जर्जर मार्ग से निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।

यदि किसी गर्भवती महिला या गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को इस उबड़-खाबड़ रास्ते से अस्पताल ले जाया जाता है, तो झटकों की वजह से मरीज की स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है। यही कारण है कि स्थानीय नागरिक अब इसे महज एक टूटी सड़क न मानकर अपने जीवन और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर जन-मुद्दा मान रहे हैं।

📋 सर्वे कराकर निर्माण की समय-सीमा तय करने की मांग, जल निकासी की बने समुचित व्यवस्था

ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस सड़क का तत्काल तकनीकी सर्वे कराकर पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि पूरी सड़क को नए सिरे से बनाना आवश्यक है तो उसे भी शीघ्र स्वीकृति दी जाए। साथ ही निर्माण कार्य की एक निश्चित समय-सीमा तय की जाए ताकि आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अतिरिक्त सड़क के दोनों ओर पक्की सुरक्षा दीवार और जल निकासी (ड्रेनेज) की उचित व्यवस्था की जाए, जिससे भविष्य में जलभराव के कारण सड़क दोबारा इतनी तेजी से खराब न हो।