ब्रेकिंग
Mushtaq Khan Passes Away at 75: मुंबई के नानावती अस्पताल में चल रहा था इलाज, फिल्म जगत में शोक की लह... Tensions Between Pakistan and Afghanistan: अफगान तालिबान सरकार की चेतावनी, पाकिस्तान की सैन्य कार्रव... MCX Gold and Silver Market News: RBI की बैठक और वैश्विक संकेतों का कीमती धातुओं पर असर, जानें लेटेस्... Tech Tips for Earbuds Audio Issue: क्या आपके भी एक ईयरबड में आवाज धीमी है? इन आसान तरीकों से घर बैठे... Anant Chaturdashi 2026 Date and Muhurat: कब है अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन, जानिए शुभ मुहूर्त, पूज... Rani Rashmoni Legacy and History: दक्षिणेश्वर काली मंदिर बनवाने वाली रानी रासमणि का राजबाड़ी और समाज... Jashpur Medical News Update: रायपुर-रांची जाने से मिलेगी मुक्ति! जशपुर में शुरू होगा आधुनिक क्रिटिकल... Surajpur Crime & Local News: मां की डांट से नाराज 9 साल का बच्चा ट्रेन से पहुंचा मुंबई; जीआरपी और पु... Durg Crime News: दुर्ग जिला अस्पताल से जेल प्रहरियों को चकमा देकर भागी लेडी डॉन जसबीर कौर; 1 घंटे मे... Kanker Leopard Attack CCTV: कांकेर के रिहायशी इलाके टिकरापारा में घुसा तेंदुआ; कुत्ते पर हमले की घटन...

Durg Crime News: दुर्ग जिला अस्पताल से जेल प्रहरियों को चकमा देकर भागी लेडी डॉन जसबीर कौर; 1 घंटे में दोबारा गिरफ्तार

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की चर्चित ‘लेडी डॉन’ के नाम से कुख्यात जसबीर कौर ने एक बार फिर पुलिस और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए फरार होने की कोशिश की। जसबीर कौर ने बुधवार को अपने छोटे बच्चे के इलाज का बहाना बनाया और दुर्ग जिला अस्पताल पहुंची। वहां मौका मिलते ही वह तैनात सुरक्षाकर्मियों (जेल प्रहरियों) की आंखों में धूल झोंककर भागने में कामयाब रही। हालांकि, घटना के तुरंत बाद अलर्ट मोड पर आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे महज एक घंटे के भीतर दोबारा धर दबोचा।

💊 हेरोइन तस्करी के आरोप में NDPS एक्ट के तहत बंद थी आरोपी: बच्चे की बीमारी का बनाया था बहाना

उल्लेखनीय है कि जसबीर कौर को भारी मात्रा में हेरोइन तस्करी के गंभीर आरोप में बीते 19 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

जेल में रहने के दौरान उसने अपने बच्चे की अचानक तबीयत खराब होने की बात कही और इलाज कराने की गुहार लगाई। इसके बाद सुरक्षा घेरे में उसे जिला अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचते ही वह सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को झांसा देकर चकमा देने में सफल रही, जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और शहर भर में नाकाबंदी कर छापेमारी शुरू की गई।

⚡ 1 घंटे के भीतर अस्पताल परिसर से ही दबोची गई: पूर्व में 2 सब-इंस्पेक्टर हो चुके हैं सस्पेंड

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सक्रिय हुई टीमों ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और महज 60 मिनट के भीतर जसबीर कौर को अस्पताल परिसर के ही एक हिस्से से फिर से गिरफ्तार कर लिया।

उसे वापस जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। बताया जाता है कि जसबीर कौर का आपराधिक रिकॉर्ड काफी शातिर रहा है और इससे पहले भी उसके कारनामों व लापरवाही के चलते दो सब-इंस्पेक्टरों को सस्पेंशन की गाज झेलनी पड़ी थी।

🗣️ ‘तत्काल कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ा गया’: पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक बयान

मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी महिला कैदी को इलाज के लिए दुर्ग जिला अस्पताल लाया गया था।

उसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि वह जेल प्रहरियों को चकमा देकर अस्पताल परिसर से गायब हो गई है। सूचना मिलते ही निकटतम पुलिस टीमों को अलर्ट किया गया और व्यापक तलाशी अभियान चलाकर उसे अस्पताल परिसर के भीतर से ही फिर से हिरासत में ले लिया गया।

🔒 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल: वास्तविक बीमार कैदियों पर पड़ सकता है असर

फिलहाल जसबीर कौर दोबारा जेल की सलाखों के पीछे पहुँच चुकी है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने जिला अस्पताल और कैदी सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस प्रकार के ड्रामे और सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिशों का सबसे बड़ा नुकसान उन आम और वास्तविक रूप से गंभीर बीमार कैदियों को भुगतना पड़ता है, जिन्हें सचमुच इलाज की सख्त आवश्यकता होती है और ऐसे हादसों के बाद प्रशासन कड़ाई बढ़ा देता है।