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Surajpur Crime & Local News: मां की डांट से नाराज 9 साल का बच्चा ट्रेन से पहुंचा मुंबई; जीआरपी और पुलिस ने कल्याण स्टेशन से किया रेस्क्यू

सूरजपुर। माता-पिता अक्सर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें पढ़ाई-लिखाई को लेकर डांटते-फटकारते रहते हैं। कई बार बच्चों को परिजनों की यह सीख नागवार गुजरती है और वे आवेश में आकर गलत कदम उठा लेते हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बसदेई पुलिस चौकी क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ कक्षा तीसरी में पढ़ने वाला 9 वर्षीय मासूम अपनी मां की डांट से नाराज होकर चुपचाप घर से निकल गया। बालक किसी तरह नजदीकी रेलवे स्टेशन पहुँचा और दो से तीन ट्रेनें बदलते हुए मुंबई जाने वाली ट्रेन में सवार हो गया।

🔍 15 सितंबर से लापता था तीसरी का छात्र: परिजनों की शिकायत पर पुलिस व बाल संरक्षण विभाग हुए सक्रिय

बताया जा रहा है कि बालक जब देर शाम तक घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों को उसकी गहरी चिंता हुई।

परिजनों ने पहले अपने स्तर पर पास-पड़ोस और रिश्तेदारी में बच्चे की काफी तलाश की। इसके बाद वे स्कूल भी गए, लेकिन जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला तो घबराए परिजन उसकी तस्वीर लेकर थाने पहुँचे। पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान मां ने पुलिस को बताया कि बच्चा जब नाराज होकर घर से निकला था, तो उसने कहा था कि वह अपने पिता के पास जा रहा है। मामला दर्ज होते ही जिला बाल संरक्षण विभाग और पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं।

🚉 मुंबई के कल्याण रेलवे स्टेशन पर मिला मासूम: पुलिस और जीआरपी की संयुक्त टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

पुलिस प्रशासन द्वारा बच्चे की तस्वीर और विवरण आसपास के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों और जीआरपी थानों को भेजे गए थे।

इसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि सूरजपुर से गायब हुलिए का एक 9 वर्षीय बालक मुंबई के कल्याण रेलवे स्टेशन पर देखा गया है। सूचना मिलते ही सूरजपुर पुलिस ने बाल संरक्षण विभाग और स्थानीय आरपीएफ/जीआरपी की मदद से बच्चे को कल्याण स्टेशन पर सुरक्षित अपनी कस्टडी में ले लिया। कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद टीम बच्चे को सकुशल सूरजपुर लेकर लौट आई है। परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए पुलिस व प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

🗣️ ‘कल्याण स्टेशन से बच्चे को सकुशल किया गया दस्तयाब’: पुलिस और बाल संरक्षण विभाग का आधिकारिक बयान

मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बालक की मां ने उसे मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह देते हुए डांट लगाई थी।

इसी बात से क्षुब्ध होकर मासूम बिना किसी को बताए घर से निकल गया था और कई ट्रेनें बदलते हुए मुंबई के कल्याण स्टेशन तक जा पहुँचा था। बाल संरक्षण समिति (CWC) और रेलवे पुलिस के सहयोग से बच्चे को रेस्क्यू कर सुरक्षित वापस सूरजपुर लाया गया है और काउंसलिंग के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।

👨‍👩‍👧‍👦 बच्चों की परवरिश में पेरेंट्स रखें इन बातों का विशेष ध्यान: मनोवैज्ञानिकों की अहम सलाह

इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों और बच्चों के बीच संवाद के महत्व को रेखांकित किया है। बाल विशेषज्ञों ने पेरेंट्स को निम्नलिखित बातें ध्यान में रखने की सलाह दी है:

  • संवाद स्थापित करें: बच्चों को डांटने के बजाय हमेशा प्यार और धैर्य से समझाएं।

  • समय बिताएं: रोज बच्चों के साथ समय बिताएं और उनकी समस्याओं व भावनाओं को समझें।

  • खेलकूद का अवसर दें: बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखें, उन्हें खेलने का भी पर्याप्त समय दें।

  • हौसला अफजाई करें: बच्चों की छोटी-छोटी उपलब्धियों पर उनकी प्रशंसा करें, उनका मनोबल न गिरने दें।

  • अनावश्यक दबाव न बनाएं: पढ़ाई के महत्व को समझाएं, लेकिन बच्चों पर मानसिक बोझ या तनाव बेवजह न लादें।