ब्रेकिंग
दुमका में शिक्षकों की लगी 'क्लास'! दक्षता परीक्षा में शामिल हुए सैकड़ों शिक्षक, जानें क्या है पूरी प... धनबाद में पेट्रोल के लिए हाहाकार! कई पंपों पर स्टॉक खत्म होने से मची भगदड़, खाली हाथ लौट रहे वाहन चा... हाईटेक रेलवे में टॉर्च और छड़ी का क्या काम? टाटानगर स्टेशन के कर्मचारियों के लिए जारी हुआ अनोखा फरमा... अचानक क्यों बदला झारखंड का मौसम? आज इन जिलों में होगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट झारखंड में PLFI का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: गिरफ्तार राजेश महतो का खुलासा, सीक्रेट एप्स से चला रहा था वस... लातेहार में हाहाकार! पेट्रोल पंपों पर लटका ताला, कहीं खत्म हुआ स्टॉक तो कहीं मिल रहा सीमित तेल; बढ़ी... झारखंड के दुमका में नाबालिग से हैवानियत: पुलिस ने 3 दरिंदों को किया गिरफ्तार, मेडिकल जांच में जुटी ट... 15 मई से लुधियाना में बढ़ेगा गंदगी का संकट? सफाई कर्मचारियों ने दी सख्त चेतावनी, मांगों को लेकर खोला... पंजाब के बंगा में सरेआम गुंडागर्दी या रंजिश? व्यक्ति की खौफनाक तरीके से हत्या, मौके पर पहुंची पुलिस गुरुग्राम में घर खरीदना हुआ महंगा! अब बायर्स की पहली पसंद बन रहा 'सोहना', जानें क्यों यहां शिफ्ट हो ...

Aligarh News: AMU में मरीजों को प्राइवेट अस्पताल भेजने वाले ‘फर्जी डॉक्टर’ का भंडाफोड़, अधिकारी भी हैरान

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां सुरक्षाकर्मियों और डॉक्टरों की सतर्कता के कारण एक ऐसे मुन्नाभाई फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है, जो काफी समय से अस्पताल में मरीजों की जान और जेब के साथ खिलवाड़ कर रहा था. जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ संदिग्ध लोग अस्पताल परिसर में घूम रहे हैं, जो मरीजों को गुमराह कर रहे हैं.

शिकायतों के बाद मेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने निगरानी बढ़ा दी. संदिग्ध युवक गले में स्टेथोस्कोप डालकर घूम रहा था और खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों से बात कर रहा था. उसकी गतिविधियों पर शक होने पर जब डॉक्टरों ने उससे पूछताछ की, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया. इसके बाद स्टाफ ने उसे दबोच लिया.

पकड़े गए आरोपी के पास से जो चीजें बरामद हुई हैं, वे चौंकाने वाली हैं और एक बड़े संगठित गिरोह की ओर इशारा करती हैं. उसके पास से काफी संख्या में सर्जिकल ब्लेड मिले हैं. मोबाइल फोन में भारी मात्रा में मरीजों के पर्चे, भर्ती स्लिप और रिपोर्ट्स के फोटो मिले हैं. आरोपी के पास से कई अन्य डॉक्टरों और दलालों के मोबाइल नंबर भी बरामद हुए हैं.

प्रारंभिक जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनके अनुसार यह फर्जी डॉक्टर मुख्य रूप से मरीज शिफ्टिंग के खेल में लगा था. वह ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले गरीब मरीजों और उनके तीमारदारों को निशाना बनाता था. वह मरीजों को बताता था कि सरकारी अस्पताल में इलाज में बहुत देरी होगी या यहां सुविधाएं ठीक नहीं हैं.

वह मरीजों को बेहतर और जल्दी इलाज का झांसा देकर शहर के निजी अस्पतालों में भेज देता था, जिसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था. पकड़े जाने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी. यह मामला सिविल लाइन थाना इलाके का है. पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन प्राइवेट अस्पतालों के संपर्क में था और उसके गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं.