धनबाद में पेट्रोल के लिए हाहाकार! कई पंपों पर स्टॉक खत्म होने से मची भगदड़, खाली हाथ लौट रहे वाहन चालक
धनबाद: राज्यभर में पेट्रोल की संभावित किल्लत को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है. धनबाद में स्थिति अधिक गंभीर हो गई है. जिले के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो चुका है, वहीं कुछ स्थानों पर केवल डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है. अचानक बढ़ी मांग और लोगों द्वारा पेट्रोल जमा करने की होड़ की कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है.
दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि अत्यावश्यक होने पर ही वाहनों का उपयोग करें और जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम अपनाएं. इस अपील के बाद लोगों के बीच यह आशंका बढ़ गई कि आने वाले दिनों में पेट्रोल की कमी हो सकती है. इसी आशंका के चलते लोगों ने अपने वाहनों की टंकियां फुल करानी शुरू कर दी. कई लोगों ने डिब्बों और कंटेनरों में भी पेट्रोल संग्रह करना शुरू कर दिया, जिससे मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई.
धनबाद के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बाइक, कार और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. कई स्थानों पर स्टॉक खत्म होने के बाद पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा. इससे ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूली वाहन चालक और रोजमर्रा के कामकाज करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए.
बाइक में पेट्रोल भरवाने पहुंचे एमडी परवेज ने बताया कि वह सात से आठ पेट्रोल पंपों का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कहीं भी पेट्रोल उपलब्ध नहीं हुआ. अंत में जिस पंप पर पहुंचे, वहां भी पेट्रोल खत्म हो चुका था. उन्होंने कहा कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है.
पेट्रोल पंप के मैनेजर चंद्रनाथ ने बताया कि पेट्रोल को लेकर लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है. जो भी ग्राहक पंप पर पहुंच रहे हैं, वे अपने वाहन की टंकी पूरी तरह भरवा रहे हैं. सामान्य दिनों की तुलना में पेट्रोल की खपत में अचानक भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण स्टॉक जल्दी समाप्त हो गया. उन्होंने कहा कि आसपास के अन्य पेट्रोल पंपों की स्थिति भी लगभग यही है. हालांकि, जल्द नई खेप पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद आपूर्ति सामान्य हो जाएगी.
पेट्रोल पंप कर्मचारी हरिओम ने कहा कि कई लोग जरूरत से अधिक पेट्रोल खरीदकर स्टॉक करने में लगे हैं. इसी कारण पंपों पर दबाव बढ़ गया है और पेट्रोल की उपलब्धता प्रभावित हुई है. आम लोगों ने प्रशासन से जल्द आपूर्ति सामान्य कराने और अफवाहों पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
वहीं मामले को लेकर पेट्रोल-डीजल डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा दो दिन पहले ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद लोगों में अनावश्यक घबराहट बढ़ गई है. इसके कारण पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ पड़ी और पेट्रोल लेने के लिए आपाधापी मच गई. उन्होंने बताया कि जिन पेट्रोल पंपों पर सीमित स्टॉक उपलब्ध था, वहां दोपहर तक पेट्रोल समाप्त हो गया. हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि शाम तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी.
अशोक सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात कुछ हद तक कोरोना काल जैसे हैं, जब लोगों ने जरूरत से अधिक दवाइयां घरों में जमा करनी शुरू कर दी थीं, जिससे मेडिकल दुकानों पर कृत्रिम किल्लत पैदा हो गई थी. उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर पेट्रोल का अनावश्यक भंडारण न करें, क्योंकि इससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी होती है.
वहीं एसोसिएशन के स्टेट कॉर्डिनेटर प्रदीप पॉल ने ईटीवी भारत को बताया कि पेट्रोल की सप्लाई को लेकर किसी प्रकार की वास्तविक समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि रविवार को कार्यालय बंद रहने के कारण बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित होती है. समय पर बुकिंग नहीं होने से आपूर्ति में अस्थायी बाधा आती है, लेकिन यह स्थिति जल्द सामान्य हो जाती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि तीनों प्रमुख तेल कंपनियों—Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum और Indian Oil Corporation की ओर से पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है.