Mumbai Infrastructure Update: मुंबई रीजन में नया ट्रांसपोर्ट सिस्टम, विरार में 3.1 किमी का एजीटी कॉरिडोर होगा तैयार
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद राहतभरी और आधुनिक खबर सामने आ रही है। भविष्य में विरार में बुलेट ट्रेन से उतरने वाले पैसेंजर सीधे एक ड्राइवरलेस एलिवेटेड ऑटोमेटेड बस (AGT) में सवार होकर आसानी से अपने घर जा सकेंगे। वसई विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VVCMC) बुलेट ट्रेन स्टेशन को प्रस्तावित मेट्रो लाइन 13 से जोड़ने के लिए ‘ऑटोमेटेड गाइडवे ट्रांजिट’ (AGT) सिस्टम पर गंभीरता से विचार कर रहा है। मेट्रो, मोनोरेल और पॉड टैक्सी के बाद, यह मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में सार्वजनिक परिवहन का एक नया और क्रांतिकारी माध्यम बनेगा।
🛣️ 3.1 किलोमीटर लंबा होगा एलिवेटेड कॉरिडोर: नालासोपारा मेट्रो स्टेशन से होगी सीधी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित योजना के अनुसार, यह 3.1 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर विरार ईस्ट स्थित सहकार नगर के बुलेट ट्रेन स्टेशन से शुरू होकर नालासोपारा के मेट्रो स्टेशन तक जाएगा। रास्ते में यह सबअर्बन (लोकल) रेलवे ट्रैक को पार करेगा और इस कॉरिडोर के नीचे से कारें व अन्य गाड़ियां आसानी से गुजर सकेंगी। यह प्रोजेक्ट विरार स्टेशन के आसपास 463 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले लोकल एरिया डेवलपमेंट प्लान का एक प्रमुख हिस्सा है। VVCMC अपने कंसल्टेंट ‘टंडन अर्बन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी’ (JICA) की जापानी टीम के साथ मिलकर इस ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे रहा है।
⚙️ क्या है एजीटी (AGT) सिस्टम? जानिए इसकी खासियत और क्षमता
VVCMC कमिश्नर पृथ्वीराज बी पी के अनुसार, विरार एक बड़ा रिहायशी इलाका है और दैनिक कामकाजी लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी देना प्राथमिकता है। सामान्य मेट्रो से अलग, ऑटोमेटेड गाइडवे ट्रांजिट (AGT) में एक विशेष गाइडवे पर रबर के पहियों से चलने वाली पूरी तरह ऑटोमेटेड, ड्राइवरलेस बसें या गाड़ियां होंगी। इसे ‘एलिवेटेड ऑटोमेटेड बस’ भी कहा जा रहा है, जो पारंपरिक मेट्रो की तुलना में आकार में छोटी और निर्माण लागत में काफी सस्ती होगी। इसकी शुरुआती क्षमता लगभग 50 से 70 यात्रियों की होगी, जिससे यात्रियों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे।