Chhattisgarh News: कोरबा में पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 13 अक्टूबर से उग्र आंदोलन का ऐलान
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में राजस्व पटवारी संघ ने PV ऐप में आ रही व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान न किए जाने को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। संघ ने पटवारियों पर की जा रही दंडात्मक कार्रवाई और अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पटवारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो जिले के समस्त पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
📱 डिजिटल क्रॉप सर्वे और जनगणना सहित कई महत्वपूर्ण कार्यों में जुटे हैं पटवारी: एकतरफा कार्रवाई का विरोध
राजस्व पटवारी संघ ने ज्ञापन में बताया कि PV ऐप के जरिए फसलों के भौतिक सत्यापन कार्य में लगातार सर्वर और तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिसके बारे में पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। पटवारियों का कहना है कि वे वर्तमान में एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, वनाधिकार क्लेम, जनगणना प्रथम चरण, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे और एनएच सर्वे सहित आय-जाति प्रमाण पत्र जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों को निष्ठापूर्वक पूरा कर रहे हैं। इसके बावजूद केवल अव्यवहारिक PV ऐप का बहिष्कार करने पर पटवारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
📢 बलौदाबाजार और महासमुंद में हुए निलंबन-स्थानांतरण निरस्त करने की मांग: वेतन विसंगति पर ठोस पहल का आग्रह
संघ ने आक्रोश जताते हुए कहा कि बलौदाबाजार जिले में संघ पदाधिकारियों का जबरन स्थानांतरण किया गया है और महासमुंद में पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निलंबित कर दिया गया है। संघ ने इस कार्रवाई को द्वेषपूर्ण बताते हुए सभी दंडात्मक आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। इसके साथ ही पटवारियों ने अपनी वर्षों पुरानी वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति के अधिकार पर शासन से तत्काल सकारात्मक पहल करने की अपील की है।
❓ जानिए क्या है PV ऐप और क्यों हो रहा है इसका विरोध
PV ऐप (Crop Physical Verification App) राजस्व विभाग द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसका उपयोग खेतों में बोई गई फसलों का डिजिटल और भौतिक सत्यापन करने के लिए किया जाता है। इसके जरिए खेत में जाकर फसल की जियो-टैग फोटो और डेटा ऑनलाइन भुइयां रिकॉर्ड के साथ अपलोड किया जाता है। पटवारी संघ का कहना है कि ऐप में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण काम प्रभावित हो रहा है, जिसे दुरुस्त करने के बजाय पटवारियों पर कार्रवाई की जा रही है।