झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड मुख्यालय स्थित कंचन नगरी निवासी और पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम को ओडिशा राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस बड़ी प्रशासनिक नियुक्ति के बाद उनके पैतृक आवास, परिजनों, पड़ोसियों और पूरे पलामू प्रमंडल में उत्साह और जश्न का माहौल है। अपने बेहद सरल स्वभाव, जनसेवा और ईमानदार छवि के कारण ब्रजमोहन राम ने अपने राजनीतिक जीवन में तीन बार पलामू संसदीय क्षेत्र से सांसद और एक बार लातेहार विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में जनता का भरपूर प्रतिनिधित्व किया था।
🎉 लातेहार में फूटे जश्न के पटाखे, समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जताई खुशी
ब्रजमोहन राम को राज्यपाल बनाए जाने की खबर मिलते ही लातेहार में खुशी की लहर दौड़ गई। पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिन्हा और वरिष्ठ भाजपा नेता राजन तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने जोरदार आतिशबाजी की तथा एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उनके पुत्र अमित कुमार ने बताया कि परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि परिवार का कोई सदस्य देश के इतने बड़े संवैधानिक पद पर पहुंचेगा। पड़ोसियों ने कहा कि उनका आज भी जर्जर पुश्तैनी घर उनकी सादगी और जीवनभर की ईमानदारी की गवाही देता है।
📜 संघर्ष से लेकर राज्यपाल तक का सफर: 1991 में बने थे पहली बार विधायक
साधारण किसान-मजदूर परिवार में जन्मे ब्रजमोहन राम ने तमाम आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपनी शिक्षा पूरी की। वर्ष 1991 में हुए लातेहार विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए प्रत्याशी बनाया था, जहाँ उन्होंने जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 1996, 1998 और 1999 के लोकसभा चुनावों में लगातार भाजपा के टिकट पर शानदार जीत दर्ज की। उतार-चढ़ाव भरे राजनीतिक सफर में भी उन्होंने कभी पार्टी का दामन नहीं छोड़ा और पूरी निष्ठा से जिम्मेदारी निभाई। अंततः केंद्रीय नेतृत्व ने उनके वर्षों के समर्पण और ईमानदारी को सराहते हुए उन्हें ओडिशा के राज्यपाल का दायित्व सौंपा है।