ब्रेकिंग
कवर्धा में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख के जाली नोट, टाटा पंच EV कार और प्रिंटर के साथ 3 ग... पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के... भोपाल में 'हर घर तिरंगा' अभियान की भव्य तैयारी: कोलार से बैरागढ़ तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रशासन न... रतलाम में 24 घंटे में ढाई इंच बारिश: फसलों को मिला संजीवनी बूस्टर, जिला अस्पताल के वार्डों में टपका ...

Rahul Gandhi as LoP: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी के दो साल पूरे; सोशल मीडिया पर दोहराया संकल्प

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी ने अपने दो साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। 26 जून 2024 को रायबरेली के सांसद राहुल गांधी ने यह जिम्मेदारी संभाली थी। एक दशक (2014-2024) तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली रहने के बाद, 2024 के आम चुनावों में कांग्रेस द्वारा 10% सीटों का आंकड़ा पार करने के बाद राहुल गांधी की नियुक्ति इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर हुई थी।

🛡️ राहुल गांधी का संकल्प: हर लड़ाई में साथ

इस अवसर पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा—हर भारतीय की आवाज को सत्ता तक पहुंचाना।” उन्होंने NEET छात्रों के मुद्दे, संविधान की रक्षा और वोटिंग संबंधी चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क से संसद तक जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। राहुल ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा, “सफर लंबा है, पर संकल्प वही—आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूंगा।”

🏛️ संवैधानिक महत्व और पद की गरिमा

‘संसद में विपक्ष के नेता की सैलरी और अलाउंस एक्ट, 1977’ के तहत नेता प्रतिपक्ष को कानूनी मान्यता प्राप्त है। इस पद पर आसीन व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के समकक्ष वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं का हकदार होता है। राहुल गांधी के कार्यकाल के दौरान संसद की कार्यवाही में विपक्ष की भूमिका अधिक मुखर रही है और वे लगातार विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरते नजर आए हैं।

📈 चुनावी सफर का एक पड़ाव

राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में रायबरेली और वायनाड दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने रायबरेली को बरकरार रखते हुए वायनाड सीट छोड़ने का निर्णय लिया। उनकी बहन प्रियंका गांधी ने बाद में वायनाड उपचुनाव में जीत हासिल कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा।