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विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान

विदिशा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के चलते विदिशा जिले में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। बेतवा नदी का जलस्तर तीव्र गति से बढ़ने के कारण तटीय और निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है। नदी के प्रचंड जलप्रवाह के चलते ऐतिहासिक चरणतीर्थ घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया। इस दौरान बाढ़ के पानी से अपनी जान बचाने के लिए तीन बेजुबान कुत्ते जलमग्न घाट पर स्थित शिव मंदिर में जाकर बैठ गए। एक स्थानीय सजग नागरिक की दृष्टि जैसे ही मंदिर में फंसे इन श्वानों पर पड़ी, उसने अविलंब राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) को इसकी सूचना दी।

🚤 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद SDERF का सफल रेस्क्यू, प्लाटून कमांडर ने बताई चुनौतियां

सूचना मिलते ही आपदा राहत टीम तुरंत एक्शन में आई और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया।

एसडीईआरएफ प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे ने ऑपरेशन का ब्योरा देते हुए बताया कि, “चरणतीर्थ पर तीन कुत्तों के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी हमें एक स्थानीय निवासी के फोन से प्राप्त हुई थी। सूचना की पुष्टि हेतु बड़वाले घाट पर तैनात टीम को मौके पर भेजा गया। खबर सत्य पाए जाने पर मुख्यालय से विशेष मोटरबोट के साथ रेस्क्यू दल रवाना किया गया। पालतू जीवों की तुलना में आवारा या जंगली जीवों को रेस्क्यू करना अधिक चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि वे भयवश हमला करने का प्रयास करते हैं। किंतु हमारी टीम ने अत्यंत धैर्य और सावधानी बरतते हुए इस जटिल ऑपरेशन को सफलता पूर्वक पूरा किया।”

🛡️ बेतवा में बाढ़ जैसी स्थिति, SDERF की 12 सदस्यीय टीम मुस्तैद; मजदूरों व गोवंश का भी हुआ रेस्क्यू

विदिशा में बेतवा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और SDERF की 12 सदस्यीय त्वरित प्रतिक्रिया टीम लगातार निगरानी कर रही है।

इससे पूर्व, बामनखेड़ा (खामखेड़ा) क्षेत्र में उफनते पानी में फंसे 16 श्रमिकों को एसडीईआरएफ ने सुरक्षित बाहर निकाला था। इसके तुरंत बाद पथरिया गांव से प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जलभराव में फंसे 4 ग्रामीणों और 7 गोवंश को भी रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

📱 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ रेस्क्यू का भावुक वीडियो, जवानों की मुस्तैदी की हो रही सराहना

बाढ़ के उफान के बीच शिव मंदिर में फंसे बेजुबानों के इस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसे देखकर आम नागरिक आपदा राहत बल के जवानों की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं।

रेस्क्यू टीम में शामिल जवानों ने बताया कि बेतवा के तेज बहाव और जलकुंभी के बीच बोट से मंदिर तक पहुंचना अत्यंत जोखिमभरा था। लगातार तीन घंटे की अथक मशक्कत के उपरांत टीम मंदिर के गर्भगृह के ऊपरी हिस्से तक पहुंचने में सफल रही। इसके पश्चात बेहद सावधानीपूर्वक तीनों कुत्तों को बोट में बैठाकर सुरक्षित किनारे लाया गया। उफनती नदी और बढ़ते जलस्तर के बीच जवानों द्वारा दिखाई गई इस जीवदया और कर्तव्यनिष्ठा की सर्वत्र सराहना हो रही है।