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ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा फैसला

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर शहर के मुक्तिधामों (श्मशान घाटों) में अब अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी और कंडों (गोबर के उपलों) के दामों को लेकर निजी वेंडरों की मनमानी नहीं चल सकेगी।

जल्द ही नगर निगम द्वारा ऐसी पारदर्शी व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके अंतर्गत नगर निगम की गौशालाओं से सीधे श्मशान घाटों तक शासकीय दरों पर कंडे उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही लकड़ी के दाम भी आधिकारिक रूप से फिक्स किए जाएंगे। दरअसल, ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक में शहर के श्मशान घाटों में व्याप्त अव्यवस्थाओं, अतिक्रमण और सुविधाओं के अभाव को लेकर जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

🔥 शासकीय दरों पर मिलेंगे कंडे-लकड़ी, सीएनजी व विद्युत शवदाह गृह की सुविधा पर जोर

ग्वालियर नगर परिषद की उच्चस्तरीय बैठक में श्मशान घाटों का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा।

मुक्तिधामों के विकास पर हुई चर्चा के दौरान पहुंच मार्गों के निर्माण, परिजनों के बैठने की शेड व्यवस्था और टीन शेड लगाने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल सीएनजी-पीएनजी (CNG/PNG) व विद्युत शवदाह गृह सुविधा शीघ्र शुरू करने पर जोर दिया गया। श्मशान घाटों में शोक संतप्त परिवारों से कंडे और लकड़ी के नाम पर मुंह मांगे दाम वसूलने वाले निजी विक्रेताओं पर नकेल कसने के लिए सरकारी नियंत्रण व्यवस्था पर सहमति बनी, जिसमें लाल टिपारा व अन्य गौशालाओं से उपले शासकीय दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

🐄 गौशालाओं से होगी कंडों की आपूर्ति, एमआईसी मेंबर अवधेश कौरव ने दी जानकारी

बैठक के निर्णयों पर जानकारी देते हुए मेयर इन काउंसिल (MIC) सदस्य अवधेश कौरव ने बताया कि, “सदन में आज सबसे महत्वपूर्ण विषय मुक्तिधामों की बदहाली को लेकर था।”

उन्होंने कहा कि श्मशान घाटों पर लकड़ी और उपलों की अनियंत्रित दरों पर गंभीर मंथन हुआ और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि अब नगर निगम द्वारा इनकी दरें निर्धारित की जाएंगी। इसके साथ ही नगर निगम की संचालित गौशालाओं से कंडे खरीदकर मुक्तिधामों को सप्लाई किए जाएंगे तथा जिन श्मशानों में बुनियादी संरचनात्मक कमियां हैं, उनका जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

📋 शहर के सभी 45 मुक्तिधामों का होगा सर्वे, कमियां दूर कराएगा नगर निगम प्रशासन

सदन में चर्चा के दौरान पार्षदों द्वारा अधिकारियों के कॉल न उठाने और जनसमस्याओं की उपेक्षा पर भी निगम आयुक्त को घेरा गया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने कहा कि, “सभी जनप्रतिनिधियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। परिषद में मुक्तिधामों से जुड़ा जो विषय आया है, उसके तहत हम शहर के सभी 45 मुक्तिधामों का विस्तृत सर्वे कराएंगे। जिन श्मशान घाटों में शेड, पानी या पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, उन्हें चिन्हित कर तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।”

🪧 खराब सड़कों को लेकर विपक्षी पार्षदों का प्रदर्शन, हाथ में पोस्टर लेकर धरने पर बैठे बीजेपी पार्षद

उल्लेखनीय है कि नगर निगम परिषद की बैठक की शुरुआत में ही विपक्षी दल के पार्षदों ने उग्र विरोध दर्ज कराया।

बीजेपी पार्षद सुरेश सोलंकी और आशा चौहान अपने-अपने वार्डों की बदहाल सड़कों और नागरिक समस्याओं के विरोध में पोस्टरों के साथ आसंदी के समक्ष धरने पर बैठ गए। पार्षदों का आरोप था कि उनके क्षेत्रों में सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। वहीं पार्षद अनिल सांकला ने भी सड़कों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई निर्माण कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद केवल राजनीतिक भूमिपूजन न होने के कारण काम ठप पड़े हैं।