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Karnataka Hospital News: बागलकोट के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की जगह पत्नी कर रही थी मरीजों का इलाज; मचा बवाल

बागलकोट: कर्नाटक के बागलकोट जिले में कलादगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ तैनात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच. वी. लेबागिरी पर आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में उनकी पत्नी मरीजों की जांच कर रही थीं और उन्हें दवाएं भी बांट रही थीं। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

🔍 क्या हैं स्थानीय लोगों के आरोप?

स्थानीय लोगों का दावा है कि डॉक्टर लेबागिरी की पत्नी अक्सर अस्पताल आती हैं और डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों को देख रही होती हैं। आरोप है कि वह गर्भवती महिलाओं के इलाज जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं। स्थानीय लोगों ने इसे ‘मरीजों की जान से खिलवाड़’ करार दिया है। लोगों का कहना है कि बिना किसी आधिकारिक पद या मेडिकल डिग्री के किसी भी व्यक्ति का इलाज करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह एक बड़ा अपराध भी है।

🗣️ डॉक्टर की सफाई और विवाद

मामला तब बढ़ा जब स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुँचकर डॉक्टर से इस बारे में सवाल किए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी हुई। डॉक्टर लेबागिरी ने सफाई देते हुए कहा कि मरीजों को दी गई पर्चियों पर लिखावट उनकी पत्नी की नहीं है। विवाद बढ़ता देख उनकी पत्नी वहां से चली गईं। लोगों ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

⚠️ प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

सरकारी अस्पतालों में आम जनता बड़ी उम्मीद और भरोसे के साथ जाती है। ऐसे में यह घटना स्वास्थ्य प्रणाली की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है। फ़िलहाल इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस घटना ने डॉक्टर की जवाबदेही पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। प्रशासन को मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मामले की त्वरित जांच करनी चाहिए।