Lohagad Fort Murder Case: मंगेतर ने प्रेमी के साथ मिलकर रची बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश; ऐसे खुला खौफनाक राज
पुणे: गहुंजे के रहने वाले 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन विशाल अग्रवाल की लोहागढ़ किले में हुई मौत एक सामान्य ट्रेकिंग हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित मर्डर निकला। 18 जून को हुई केतन की मौत के पीछे उसकी मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) का हाथ था। पुलिस की बारीकी से की गई जांच ने इस साजिश के हर पन्ने को खोलकर रख दिया है।
📹 सीसीटीवी फुटेज बना काल
जांच का टर्निंग पॉइंट लोहागढ़ किले का सीसीटीवी फुटेज बना। 33 डिग्री की गर्मी में एक युवक द्वारा मोटी हुडी पहनने और चेहरे को छिपाने की हरकत पर पुलिस को शक हुआ। सिया की हरकतों और केतन की बहन की सतर्कता ने पुलिस को डिजिटल फोरेंसिक की ओर मोड़ा, जहाँ से चौकाने वाले साक्ष्य मिले।
💔 15 दिन में 4 बार किले पर ले जाने की जिद
सिया की साजिश फरवरी में सगाई के बाद से ही शुरू हो गई थी। वह केतन को बार-बार लोहागढ़ ले जाने की जिद करती थी। 14 जून को सिया ने पहला प्रयास किया था, जहाँ उसने केतन को धक्का दिया था, लेकिन केतन ने एक झाड़ी पकड़कर अपनी जान बचाई। तब उसने ‘सांप होने’ का नाटक कर केतन को गुमराह कर दिया था।
📱 238 घंटे का खूनी कनेक्शन
डिजिटल जांच में सामने आया कि सिया और चेतन 3 साल से अफेयर में थे। 1 जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच 2,004 बार फोन कॉल्स, व्हाट्सएप और फेसटाइम पर बातचीत हुई थी। दोनों ने 6 महीने में 238 घंटे तक बात की थी। यहां तक कि मर्डर की पूरी योजना 16 और 17 जून की रात वीडियो कॉल पर बनी थी।
🔐 इंटरनेट बंद करने की चालाकी भी फेल
आरोपी चेतन ने अपनी डिजिटल लोकेशन छिपाने के लिए 18 जून को अपना फोन दुकान पर छोड़ दिया था और एक कर्मचारी का फोन लेकर किले तक पहुंचा था। लेकिन पुलिस ने कर्मचारी के फोन की लोकेशन और सोशल मीडिया तस्वीरों का मिलान फुटेज के हुडी वाले लड़के से कर लिया, जिससे उसका झूठ बेनकाब हो गया।
🎭 प्रतिष्ठा बचाने के लिए जान लेना समझा ‘आसान’
जब चेतन से पूछा गया कि वे भाग क्यों नहीं गए, तो उसने बताया कि सिया सगाई टूटने से होने वाली ‘बदनामी’ से डरती थी। अपने परिवार की प्रतिष्ठा बचाने के लिए उसने केतन को मारना ज्यादा आसान विकल्प समझा। फिलहाल, दोनों आरोपी 29 जून तक पुलिस रिमांड पर हैं और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।