ब्रेकिंग
कवर्धा में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख के जाली नोट, टाटा पंच EV कार और प्रिंटर के साथ 3 ग... पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के... भोपाल में 'हर घर तिरंगा' अभियान की भव्य तैयारी: कोलार से बैरागढ़ तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रशासन न... रतलाम में 24 घंटे में ढाई इंच बारिश: फसलों को मिला संजीवनी बूस्टर, जिला अस्पताल के वार्डों में टपका ...

Andhra Pradesh News: ‘शिरडी साईं बाबा हिंदू परंपराओं का हिस्सा नहीं’, मंत्री आनम रामनारायण रेड्डी के बयान से मचा बवाल

अमरावती: आंध्र प्रदेश के बंदोबस्ती (एंडोमेंट्स) मंत्री आनम रामनारायण रेड्डी के एक ताजा बयान ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के ‘श्रीवाणी निधि’ का उपयोग शिरडी साईं बाबा के मंदिरों के निर्माण या रखरखाव के लिए नहीं किया जाएगा।

📜 ‘आगम परंपराओं’ को बताया आधार

मंत्री ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘श्रीवाणी निधि’ विशेष रूप से उन हिंदू मंदिरों के विकास के लिए है, जो वैदिक और आगम शास्त्र परंपराओं का पालन करते हैं। उन्होंने दावा किया कि हिंदू पौराणिक ग्रंथों और आगम परंपराओं में शिरडी साईं बाबा का कोई स्थान नहीं है और वहां पूजा की विधियां भी भिन्न हैं। मंत्री के अनुसार, यह निधि केवल सनातन धर्म के प्रचार और वैदिक परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित है।

🏗️ मंदिरों के विकास के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं

विवाद के बीच मंत्री ने बंदोबस्ती विभाग की उपलब्धियों का भी ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ‘श्रीवाणी निधि’ का विस्तार कर रही है:

  • नेल्लोर से शुरुआत: नेल्लोर जिले के आत्मकुर टिडको कॉलोनी में जुलाई से पहले मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होगा।

  • धूपदीप नैवेद्य योजना: पात्र मंदिरों के बैंक खातों में हर महीने 10 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है।

  • 5,000 भजन मंदिरों का निर्माण: टीटीडी के सहयोग से राज्यभर में 5,000 भजन मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आध्यात्मिक वातावरण को मजबूत करना है।

🔥 बढ़ सकती है राजनीतिक और धार्मिक बहस

शिरडी साईं बाबा के प्रति देश-विदेश में करोड़ों भक्तों की अटूट आस्था है। अतीत में भी साईं बाबा की पूजा पद्धति और उनके ‘हिंदू या गैर-हिंदू’ होने को लेकर बहस होती रही है। मंत्री के इस बयान के बाद अब शिरडी साईं भक्त संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आना निश्चित है, जिससे यह मुद्दा आगामी दिनों में एक व्यापक विवाद का रूप ले सकता है।