ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...

NEET Exam Ajmer Dispute: राजस्थान में नीट पुनर्परीक्षा के दौरान बुर्का पहनकर पहुंची छात्रा को रोका; हंगामे के बाद मिली एंट्री

अजमेर: राजस्थान के अजमेर स्थित सावित्री स्कूल परीक्षा केंद्र पर NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बुर्का पहनकर पहुंची एक छात्रा को प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया। ब्यावर की रहने वाली छात्रा कुलसुम का आरोप था कि उसकी धार्मिक पहचान के कारण उसे परीक्षा से वंचित करने का प्रयास किया गया, जिससे वह बेहद निराश थी।

📋 प्रवेश न मिलने पर बढ़ गया विवाद

छात्रा के परिजनों ने बताया कि उनकी दो बेटियां परीक्षा दे रही थीं, जिनमें से एक को दूसरे केंद्र पर कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन यहां कुलसुम को रोक दिया गया। छात्रा का कहना था कि वह सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ परीक्षा देने आई थी, लेकिन अपनी धार्मिक आस्था और पहचान से समझौता करना उसके लिए संभव नहीं था। इस मुद्दे को लेकर केंद्र के बाहर काफी देर तक गहमागहमी और प्रशासन के साथ बातचीत का दौर चलता रहा।

✅ सुरक्षा जांच और पहचान की पुष्टि के बाद राहत

विवाद बढ़ता देख केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। वरिष्ठ अधिकारियों से मिले निर्देशों के बाद, एक तय प्रक्रिया अपनाई गई। छात्रा की सघन सुरक्षा जांच और पहचान की पुष्टि होने के बाद, अंततः उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दे दी गई, जिससे वह अपनी परीक्षा में शामिल हो सकी।

⚖️ नियमों और आस्था के बीच संतुलन

यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्रेस कोड और धार्मिक पहचान के बीच के संवेदनशील संतुलन को एक बार फिर सामने लाती है। प्रशासन की ओर से परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम होते हैं, वहीं दूसरी ओर छात्रों की अपनी धार्मिक भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। इस मामले में समय रहते प्रशासन द्वारा समाधान निकालने से छात्रा का एक कीमती साल बर्बाद होने से बच गया।