Jaipur Legal News: रिटायरमेंट से पहले चर्चा में आए जज दिनेश गुप्ता, बार-बार ट्रांसफर और स्वास्थ्य कारणों से रहे सुर्खियों में
राजस्थान की न्यायिक व्यवस्था में अपने फैसलों और कार्यशैली को लेकर लगातार चर्चाओं में रहे जज दिनेश गुप्ता बुधवार को सेवानिवृत्त (रिटायर) हो गए। उनके रिटायरमेंट से करीब डेढ़ महीने पहले, यानी 13 अगस्त को उनकी कोर्ट का स्टेनोग्राफर बकाया भुगतान न मिलने के कारण काम छोड़कर चला गया था। राज्य सरकार द्वारा दूसरा स्टेनोग्राफर उपलब्ध न कराए जाने के कारण जज को अपने रिटायरमेंट से एक दिन पहले तक 159 फैसले अपने हाथों से लिखने पड़े।
🏛️ बार-बार ट्रांसफर और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला: जानिए क्या था पूरा विवाद
कॉमर्शियल कोर्ट में जज रहते हुए दिनेश गुप्ता ने एक बिजनेस ग्रुप के खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसके बाद उनका ट्रांसफर जयपुर से ब्यावर और फिर जालोर कर दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि रिटायरमेंट के नजदीक उन्हें बार-बार ट्रांसफर कर परेशान किया जा रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनके स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट को सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद उनका ट्रांसफर जयपुर की लेबर कोर्ट में कर दिया गया था।
📅 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई, रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने की मांग
जज दिनेश गुप्ता ने अन्य राज्यों की तर्ज पर राजस्थान में भी जिला न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर रखा है। इस महत्वपूर्ण मामले पर आगामी 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय की गई है। उनके रिटायरमेंट और इन सभी प्रशासनिक व कानूनी घटनाक्रमों को लेकर न्यायिक गलियारों में खासी चर्चा बनी हुई है।