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Barabanki Road Accident: बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा; गर्मी के कारण घर के बाहर सो रहे पिता और 3 मासूम बच्चों को डंपर ने कुचला

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से शुक्रवार देर रात एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है। जिले में जारी भीषण गर्मी और अघोषित बिजली कटौती के कारण अपने घर के बाहर खुले में सो रहे एक ही हंसते-खेलते परिवार पर एक तेज रफ्तार डंपर काल बनकर टूट पड़ा। इस भीषण दुर्घटना में परिवार के मुखिया (पिता) और उनके तीन मासूम बच्चों की मौके पर व इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मृतक की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई है। इस सामूहिक मौत की भयावह घटना के बाद से पूरे इलाके और झांसा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।

यह भीषण हादसा फतेहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर-महमूदाबाद मुख्य मार्ग पर स्थित झांसा गांव के समीप हुआ। स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, गांव के रहने वाले 35 वर्षीय नीरज शुक्रवार रात अपने पूरे परिवार के साथ रोज की तरह घर के बाहर खुली जगह पर सो रहे थे। इलाके में पिछले कई घंटों से बिजली की भारी कटौती चल रही थी, जिसके कारण उमस और गर्मी से परेशान होकर पूरा परिवार बाहर सोने को मजबूर था। इसी दौरान देर रात अचानक एक अनियंत्रित तेज रफ्तार डंपर सड़क किनारे आ गया। अनियंत्रित डंपर ने पहले मार्ग पर स्थित एक बड़े पेड़ को जोरदार टक्कर मारी और फिर सीधे गहरी नींद में सो रहे इस बेकसूर परिवार के ऊपर पलट गया।

💔 भयावह टक्कर से मौके पर ही टूट गईं सांसें: पिता और बेटे की घटना स्थल पर ही मौत, दो मासूमों ने अस्पताल में दम तोड़ा

देर रात हुआ यह हादसा इतना ज्यादा भयावह और विनाशकारी था कि वाहन के नीचे कुचल जाने के कारण नीरज और उनके 13 वर्षीय बड़े बेटे अनुराग की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। हादसे की चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने मलबे में दबी गंभीर रूप से घायल 10 वर्षीय बेटी अंशिका और 6 वर्षीय छोटे बेटे आंशू को तत्काल पुलिस वाहन की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान इन दोनों मासूम बच्चों ने भी दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक हादसे में नीरज की 35 वर्षीय पत्नी आरती भी गंभीर रूप से कुचली गई हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने तुरंत लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया है, जहां उनकी हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

🚚 किराये पर मैजिक चलाकर पालता था पेट: ग्रामीणों का गुस्सा—”अगर बिजली व्यवस्था दुरुस्त होती, तो आज जिंदा होता परिवार”

स्थानीय नागरिकों ने भर्राए गले से बताया कि मृतक नीरज बेहद सीधा और मेहनती इंसान था। वह किराये पर छोटा लोडिंग वाहन (मैजिक) चलाकर किसी तरह अपने परिवार का सम्मानजनक पालन-पोषण करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण थी और ग्रामीण परिवेश में बिजली न रहने के कारण वे अक्सर गर्मी से बचने के लिए सड़क किनारे अपनी सीमा में सो जाते थे। किसी को दूर-दूर तक अंदाजा नहीं था कि यह रात इस गरीब परिवार के लिए आखिरी साबित होने वाली है।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने डंपर को घेर लिया। सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को अपने कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश के लिए दबिश शुरू कर दी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में डंपर की अत्यधिक तेज रफ्तार और चालक की घोर लापरवाही को ही इस सामूहिक मौत की वजह माना जा रहा है। वहीं, घटना से गुस्साए ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर बिजली विभाग की व्यवस्था ठीक होती और रात में कटौती न की गई होती, तो यह परिवार घर के अंदर सुरक्षित सो रहा होता और आज सभी जिंदा होते। पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।