Gorakhpur Cyber Fraud: गोरखपुर में फ्री फायर गेम की लत ने डुबोए ₹2.96 लाख; 11वीं के छात्र ने खाली किया पिता का बैंक खाता
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) और साइबर अपराध का एक बेहद ही चौंकाने वाला और सबक सिखाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ‘फ्री फायर’ (Free Fire) मोबाइल गेम की लत के शिकार 11वीं क्लास के एक छात्र ने इन-गेम सुविधाएं और प्रीमियम आईडी पाने के लालच में अपने ही पिता के खून-पसीने की कमाई पर डाका डाल दिया। छात्र ने शातिर साइबर ठगों के बहकावे में आकर अपने पिता के बैंक खाते से करीब 2.96 लाख रुपये अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए। जब बैंक से इतनी बड़ी रकम गायब होने की जानकारी पिता को हुई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित पिता ने तत्काल गोरखपुर के साइबर क्राइम थाने में इस जालसाजी की लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपी छात्र पिछले लंबे समय से मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने का आदी हो चुका था। इसी गेमिंग के दौरान वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सीधे मोबाइल कॉल के जरिए कुछ अज्ञात लोगों के संपर्क में आया था। इन अज्ञात ठगों ने छात्र के गेमिंग के जुनून का फायदा उठाया और उसे गेम की बेहद दुर्लभ प्रीमियम आईडी, खास वेपन्स (हथियार), कैरेक्टर्स फीचर्स और आकर्षक गेमिंग रिवॉर्ड्स दिलाने का झूठा भरोसा दिया। इसके बाद शातिर अपराधियों के झांसे में आकर छात्र ने घर में चोरी-छिपे अपने पिता के मोबाइल से गूगल पे के जरिए कई किश्तों में पैसे ठगों के बताए खातों में भेजने शुरू कर दिए। कई हफ्तों तक यह ऑनलाइन फ्रॉड चलता रहा और परिवार को इसका जरा सा भी अंदेशा नहीं हुआ।
📱 लगातार पैसे कटने पर खुला बड़ा राज: पिता ने खंगाली बैंक स्टेटमेंट, साइबर थाना प्रभारी बोले—”जांच जारी है”
यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब बैंक खाते से लगातार बड़ी रकम कटने के मैसेज देखकर पिता को किसी गहरी वित्तीय धोखाधड़ी का शक हुआ। जब पिता ने तुरंत बैंक जाकर अपने खाते का विस्तृत स्टेटमेंट (विवरण) खंगाला, तो सामने आया कि उनके ही बेटे ने ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स के जरिए अलग-अलग अज्ञात बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर किए हैं।
कड़ाई से पूछने पर बेटे ने अपनी पूरी करतूत रोते हुए कबूल कर ली। इसके बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क साधा। साइबर थाना प्रभारी राशीद खान ने मीडिया को बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम उन सभी बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों की गहनता से पड़ताल कर रही है, जिनके जरिए पैसे मंगाए गए थे।
🕵️ पुष्पेंद्र, कुनाल और विनीत मिश्रा के त्रिकोण में फंसा मासूम: जानिए साइबर ठगों ने कैसे सुनियोजित ढंग से बनाया शिकार
पीड़ित छात्र ने पुलिस पूछताछ में ठगों के तौर-तरीकों का पूरा ब्योरा दिया है। छात्र के मुताबिक, 7 मार्च को उसके मोबाइल पर सबसे पहले पुष्पेंद्र सिंह नाम के एक युवक का फोन आया था। पुष्पेंद्र ने खुद को एक बड़ा गेमिंग एक्सपर्ट और डेवलपर बताते हुए फ्री फायर की एक खास वीआईपी आईडी दिलाने का लालच दिया। इसके बदले उसने एडवांस पैसों की मांग की। गेमिंग के क्रेज में डूबे छात्र ने पिता के फोन से गूगल पे (Google Pay) के जरिए करीब 1.55 लाख रुपये पुष्पेंद्र के बताए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, कुछ दिनों बाद गेमिंग चैट के जरिए छात्र की पहचान कुनाल नाम के एक अन्य युवक से हुई। कुनाल ने भी छात्र को और बेहतर प्रीमियम फीचर्स व इन-गेम डायमंड्स दिलाने का दावा किया। छात्र दोबारा उसके झांसे में आ गया और करीब 85 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। ठग कुनाल ने छात्र का भरोसा पूरी तरह जीतने के लिए एक डमी गेम आईडी भी उसे भेजी, जो फिलहाल छात्र के मोबाइल में मौजूद बताई जा रही है।
इसके बाद, बीते 23 अप्रैल को इस ठगी के खेल में विनीत कुमार मिश्रा नाम के एक तीसरे युवक की एंट्री हुई। विनीत ने छात्र को डराया कि उसकी आईडी ब्लॉक होने वाली है और उसे अपग्रेड व फुल एक्सेस दिलाने के नाम पर 56 हजार रुपये की और मांग कर दी। डरे हुए छात्र ने बिना सोचे-समझे इस बार भी बताए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। इस तरह इन तीन अलग-अलग साइबर अपराधियों ने मिलकर एक मासूम छात्र से कुल 2.96 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दे डाला। पुलिस ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की मोबाइल एक्टिविटी और अपने बैंक खातों के अलर्ट्स पर कड़ी नजर रखें।