ब्रेकिंग
Bihar Politics: बिहार में CM पद का दावेदार कौन? नीतीश कुमार की 'पहली पसंद' पर सस्पेंस, सम्राट चौधरी ... One Nation One Election: अब मानसून सत्र में आएगा 'महा-फैसला'! JPC की समय सीमा फिर बढ़ी; क्या 2027 मे... Noida Land Eviction: नोएडा में भू-माफिया के खिलाफ बड़ा एक्शन, जेवर एयरपोर्ट के पास 350 करोड़ की जमीन... Weather Update: दिल्ली-NCR, पंजाब और यूपी में अगले 3 दिन बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी, लुढ़केगा पार... कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 'खूनी' हादसा! 30 फीट नीचे गिरी फॉर्च्यूनर, पुणे के 3 दोस्तों क... मोदी कैबिनेट का 'भव्य' फैसला! 100 इंडस्ट्रियल पार्क्स के लिए ₹33,660 करोड़ मंजूर; विदेशी फंडिंग पर न... Devendra Pradhan Death Anniversary: पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रधान को राजनाथ सिंह ने दी श्रद्... दिल्ली की सड़कों पर अब नहीं दिखेंगे भिखारी! पुलिस का 'सीक्रेट' मास्टर प्लान तैयार; ट्रैफिक जाम और अव... Arvind Kejriwal Documentary: अरविंद केजरीवाल की जेल यात्रा पर बनी फिल्म ने कार्यकर्ताओं को किया भावु... "राजनीति में कोई रिटायर नहीं होता!"—खरगे के विदाई भाषण पर गूंजा सदन; पीएम मोदी ने भी बांधे तारीफों क...

ईरान में ‘महा-तबाही’ की आहट! खामेनेई के बाद अब लारिजानी पर वार; अमेरिका ने मोल ली बड़ी मुसीबत? जानें ये 4 खतरनाक मोड़

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के 17 दिन बाद इजराइल ने सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारिजानी को भी मार गिराया है. इजराइल डिफेंस फोर्स ने खुफिया जानकारी के आधार पर लारिजानी की उनकी बेटी के घर पर एयरस्ट्राइक के जरिए हत्या कर दी. लारिजानी को ईरान का दूसरा सबसे पावरफुल लीडर माना जाता था. वे खामेनेई के काफी करीबी थे, जो सैन्य समन्वय का काम देख रहे थे.

खामेनेई के बाद लारिजानी की हत्या को इजराइल अपनी उपलब्धि बता रहा है. खुद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या सच में इसका नुकसान ईरान को होगा? या बड़े नेताओं की हत्या से ईरान को फायदा हो सकता है.

अब तक ईरान के इन बड़े नेताओं की हत्या की गई

इजराइल और अमेरिका ने युद्ध के पहले ही दिन ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई, आईआरजीसी प्रमुख मोहम्मद पाकपुर, रक्षा सलाहकार अली शमखानी, सैन्य प्रमुख अब्दुल मोसावी की हत्या कर दी. इसके अलावा स्ट्राइक में खामेनेई के सैन्य सचिव मोहम्मद शिराजी और सैन्य खुफिया प्रमुख सालेह असादी भी मारे जा चुके हैं.

इसके अलावा जंग के दौरान ईरान के अब तक 2 रक्षा मंत्री अजीज नासिरज़ादेह और माजिद इब्न अल-रेज़ा की हत्या की जा चुकी है. अब इजराइल ने अली लारिजानी की हत्या कर दी. लारिजानी सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के सचिव थे.

ईरान को झटका, यूएस-इजराइल को नुकसान क्यों?

शीर्ष नेताओं की हत्या ईरान के लिए झटका जरूरी है, लेकिन इससे अमेरिका और इजराइल को कोई बड़ा लाभ होता नहीं दिख रहा है. कुल मिलाकर बड़े नेताओं की हत्या ईरान की इस्लामिक गणराज्य की सरकार के लिए आखिर में फायदेमंद साबित हो सकता है. कैसे, आइए इसे 4 पॉइंट्स में समझते हैं…

1. ईरान में पहले से ही 4 सक्सेसर यानी हर पद के लिए 4 उत्तराधिकारी का फॉर्मूला लागू है. इसे सीनियर खामेनेई अप्रूव करके गए हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक बड़े नेताओं की हत्या को भले इजराइल और अमेरिका अपने पक्ष में प्रचारित करे, लेकिन उसकी सरकार गिरने वाली नहीं है. इस प्रक्रिया से जंग और लंबा खिंच सकता है. जो ईरान चाहता है.

2. बड़े नेताओं की हत्या के बाद जिन लोगों को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया जा रहा है, उसके बारे में इजराइल और अमेरिका के पास कम जानकारी है. इसके 2 नुकसान हैं. पहला तो यह नहीं पता चल पा रहा है कि ईरान की अगली रणनीति क्या है. दूसरा, उन नेताओं से समझौते की बात करना मुश्किल है, क्योंकि नए नेता पहले वाले की तुलना में और ज्यादा कट्टरपंथी हैं.

3. इज़राइली सैन्य खुफिया में ईरान शाखा के पूर्व प्रमुख डैनी सिट्रिनोविच के मुताबिक सिर काटने की भी अपनी सीमा है. आप सभी ईरानियों के सिर नहीं काट सकते हैं. अगर काटना चाहते हैं तो इसमें वक्त लगेगा. दुश्मनी और गहरी होगी. आने वाले वक्त में ईरान के लोग प्रॉक्सी वॉर के जरिए इजराइल और अमेरिका में कोहराम मचाएंगे.

4. बड़े नेताओं की हत्या से ईरान को सिंपैथी मिल रहा है. अमेरिकी मीडिया में भी अब इसकी आलोचना हो रही है. इसके कारण में ईरान में जो विरोध-प्रदर्शन हो रहा था, वो पूरी तरह थम चुका है. ट्रंप और नेतन्याहू की अपील के बावजूद लोग सड़कों पर नहीं उतर रहे हैं.