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मोदी कैबिनेट का ‘भव्य’ फैसला! 100 इंडस्ट्रियल पार्क्स के लिए ₹33,660 करोड़ मंजूर; विदेशी फंडिंग पर नकेल के लिए FCRA बिल को भी हरी झंडी

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दी गई. इसका ऐलान बजट में किया गया था. इसके तहत देश के 100 औद्योगिक क्लस्टर बनाए जाएंगे. यह प्लग एंड प्ले होंगे यानी रोड, बिजली पानी जैसी सुविधाएं पहले से तैयार होंगी. 100 बड़े औद्योगिक शहरों का विकास किया जाएगा. एफसीआरए संशोधन बिल को भी मंजूरी मिली है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना पर 33,660 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस योजना का मकसद भारत को आत्मनिर्भर बनाना है. यह योजना ‘मेक इन इंडिया’ का ही एक बड़ा रूप है, जिसका मकसद भारत में बने सामान को दुनिया भर में बेचना है.

BHAVYA योजना का मकसद?

  • भारत में ही ज्यादा से ज्यादा सामान बनाने पर जोर देना.
  • नए औद्योगिक क्षेत्र तैयार करना.
  • छोटे और मंझोले उद्योगों (MSMEs) को आगे बढ़ने में मदद करना.
  • ज्यादा उत्पादन से युवाओं के लिए नौकरियों के नए मौके पैदा करना.
  • उद्योगों के लिए बेहतर सड़कें, बिजली, नई टेक्नोलॉजी और सस्ता कर्ज उपलब्ध कराना.

कपास MSP के लिए 1718 करोड़ रुपये

मंत्रिमंडल ने कपास सीजन 2023-24 के दौरान कपास के लिए MSP कार्यों पर हुए 1718 करोड़ रुपये के खर्च की प्रतिपूर्ति को मंजूरी दी. प्रोजेक्ट्स राज्य सरकारों, सेंट्रल PSUs और प्राइवेट डेवलपर्स के साथ मिलकर डेवलप किए जाएंगे. प्रोजेक्ट्स को चैलेंज मोड में चुना जाएगा

  • इवैल्यूएशन क्राइटेरिया
  • PM गतिशक्ति प्रिंसिपल्स
  • अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर्स
  • ग्रीन एनर्जी
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म्स

बाराबंकी से बहराइच 4 लेन को मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच (101.515 किमी) तक 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाइवे-927 के निर्माण को हाइब्रिड वार्षिकी मोड पर 6969.04 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दे दी है.

FCRA संशोधन बिल को भी मंजूरी

एफसीआरए संशोधन बिल यानी विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम संशोधन बिल को भी मंजूरी मिली है. इसका मुख्य उद्देश्य भारत में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को मिलने वाले विदेशी चंदे की पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है. 18 मार्च 2026 को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों में और बदलाव करने के लिए नए संशोधन बिल को मंजूरी दी गई है.