ब्रेकिंग
Supreme Court on Air Ticket Price Hike: हवाई किराये में 700% बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पण... Tej Pratap Yadav Security Increase Demand: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने क... ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ मार्च के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तेलंगाना से कांग्रेस को ... गुजरात में सख्त शराबबंदी के नियमों को धत्ता बताते हुए राजकोट के एक होटल में आयोजित हुई हाई-प्रोफाइल ... पैनिक अटैक: बिना किसी वास्तविक खतरे के अचानक शरीर में क्यों उत्पन्न होने लगती है घबराहट और बेचैनी? Dewas TI Dilip Puri Murder Case: शहीद टीआई दिलीप पुरी के परिवार को 1 करोड़ की सहायता और पत्नी को एसआ... Dilip Puri Funeral Barmandal Dhar: शहीद टीआई दिलीप पुरी का पैतृक गांव बरमंडल में राजकीय सम्मान के सा... Ayodhya Ram Mandir Donation Case Supreme Court: राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फ... Dilip Puri Murder Case Dewas: अवैध शराब पकड़ने गए टीआई दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हत्या, सिविल ड्र... PDP Foundation Day Srinagar 2026: श्रीनगर में पीडीपी के कार्यकर्ता सम्मेलन में महबूबा मुफ्ती का केंद...

दीपावली के पावन अवसर पर दिल्ली-NCR के नागरिकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सीमित समय के लिए ग्रीन पटाखे जलाने की मिली अनुमति

दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-NCR) में दीपावली के पर्व पर पटाखे जलाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने एक महत्वपूर्ण राहत भरा आदेश जारी किया है। शीर्ष अदालत ने कुछ विशेष और निर्धारित शर्तों के साथ केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की दो दिन के लिए अनुमति प्रदान कर दी है। हालांकि, यह छूट एक निश्चित और सीमित समय के लिए ही मान्य होगी। नागरिक आगामी 7 और 8 नवंबर को ही ग्रीन पटाखे चला सकेंगे, जबकि 9 नवंबर से दिल्ली-NCR में पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध एक बार फिर से प्रभावी हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर और दीपावली के दौरान लोगों की पारंपरिक मान्यताओं के बीच एक संतुलित सामंजस्य बिठाने के उद्देश्य से लिया गया है।

समय सीमा और नो-क्रैकर जोन तय, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ का सख्त निर्देश

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ द्वारा 29 अक्टूबर को दिए गए इस आदेश के तहत सीमित अवधि के लिए केवल सीएसआईआर-नीरी (CSIR-NEERI) और पीईएसओ (PESO) से प्रमाणित ग्रीन पटाखों के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग की छूट दी गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 7 और 8 नवंबर 2026 को लोग केवल सुबह 6 से 7 बजे तथा रात 8 से 10 बजे के बीच ही पटाखे जला सकेंगे। इसके अलावा, अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य अधिसूचित शांत क्षेत्रों (Silent Zones) के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इन सभी संवेदनशील इलाकों को विशेष रूप से ‘नो-क्रैकर जोन’ घोषित किया गया है।

केवल क्यूआर कोड वाले प्रमाणित ग्रीन पटाखों की होगी बिक्री, ऑनलाइन ट्रेडिंग पर पूरी तरह लगाया गया प्रतिबंध

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल अधिकृत संस्थानों से प्रमाणित ग्रीन पटाखों का ही निर्माण किया जा सकेगा, जिसके लिए 2 से 6 नवंबर तक का समय तय किया गया है। प्रत्येक पटाखे के पैकेट पर उत्पाद और बैच के अनुसार क्यूआर (QR) कोड होना अनिवार्य किया गया है, जिससे निर्माता, पंजीकरण और परीक्षण प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता की जांच की जा सके। पटाखों की खुदरा बिक्री केवल प्रशासन द्वारा तय की गई जगहों पर 4 से 6 नवंबर के बीच ही की जा सकेगी, जबकि इनकी ऑनलाइन बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बेरियम युक्त पटाखों, पटाखों की लड़ियों और पारंपरिक हानिकारक पटाखों की खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों और निर्माताओं के लाइसेंस रद्द करने के साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

वायु गुणवत्ता (Air Quality) की होगी निरंतर निगरानी, 9 नवंबर से बहाल हो जाएगा पूर्ण प्रतिबंध

शीर्ष अदालत ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और संबंधित राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को 2 से 30 नवंबर तक लगातार वायु गुणवत्ता की निगरानी कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही, दीपावली के बाद अस्पतालों में प्रदूषण जनित स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने वाले मरीजों और संभावित प्रभावों का आंकड़ा भी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने साफ किया है कि 9 नवंबर 2026 से पटाखों पर पहले से लागू पूर्ण प्रतिबंध स्वतः बहाल हो जाएगा। सभी संबंधित राज्य सरकारों को इस संबंध में 14 दिसंबर तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट अदालत में दाखिल करनी होगी, और इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 16 दिसंबर को तय की गई है।

क्या होते हैं ग्रीन पटाखे? पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम हानिकारक होते हैं ये विकल्प

अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष छूट केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों के लिए ही मान्य होगी, और सामान्य या प्रतिबंधित श्रेणी के पटाखों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। 9 नवंबर के बाद पटाखों के भंडारण, वितरण और इस्तेमाल पर पूरी पाबंदी रहेगी। गौरतलब है कि ग्रीन पटाखे वे उत्पाद होते हैं जिन्हें पारंपरिक पटाखों के मुकाबले कम प्रदूषण और कम हानिकारक रसायन उत्सर्जित करने के लिए डिजाइन किया जाता है। हालांकि, ये पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं होते, इसलिए इनके उपयोग पर भी कड़े नियम और शर्तें लागू होती हैं।

धार्मिक भावनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए लिया गया है यह फैसला

इससे पूर्व 30 सितंबर को भी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में पटाखों पर पूर्ण रोक लगाने के बजाय दीवाली के समय सीमित राहत देने के बिंदु पर विचार किया था। अदालत ने यह माना था कि लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्थाओं के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना भी अत्यंत आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पूरे दिन पटाखे जलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती, इसलिए इसके लिए स्पष्ट समय सीमा और मानकों का निर्धारण जरूरी है। अब इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दो दिनों की सीमित छूट का प्रावधान किया है।