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Tej Pratap Yadav Security Increase Demand: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने केंद्र और बिहार सरकार से मांगी सुरक्षा, बढ़ाई जाए वाई या जेड श्रेणी?

पटना: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार के समक्ष अपनी सुरक्षा-व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बढ़ाने का गंभीर आग्रह किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए तेज प्रताप यादव ने बताया कि हाल ही में एक लोकप्रिय रियलिटी शो ‘Rise and Fall 2’ में काम करके लौटने के बाद से उनकी लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। मौजूदा समय में वे जिस भी सार्वजनिक स्थान पर जाते हैं, वहाँ उनसे मिलने और उनके साथ सेल्फी या तस्वीरें खिंचवाने के लिए भारी जनसैलाब उमड़ पड़ता है। कई मौकों पर यह अनियंत्रित भीड़ उन्हें चारों तरफ से घेर लेती है, जिसके कारण उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ किसी भी अप्रिय या गंभीर घटना के घटने की आशंका लगातार बनी रहती है।

वर्तमान में केवल एक सुरक्षाकर्मी के सहारे चल रही है व्यवस्था, भारी भीड़ के बीच दोनों की सुरक्षा पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा

तेज प्रताप यादव ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह बेहद हैरान करने और चिंता का विषय है कि वर्तमान समय में राज्य सरकार द्वारा उन्हें सुरक्षा के नाम पर केवल एक ही सुरक्षाकर्मी मुहैया कराया गया है। जिस प्रकार सार्वजनिक कार्यक्रमों और आयोजनों में भारी भीड़ उन्हें हर तरफ से घेर लेती है, उससे न केवल उनकी खुद की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि उनके साथ तैनात उस इकलौते सुरक्षाकर्मी की संरक्षा भी गंभीर जोखिम में आ जाती है।

अप्रिय घटना की आशंका और सरकारी हथियार छीने जाने का डर, कई बार पत्राचार के बावजूद प्रशासन स्तर पर नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ऐसी विकट और अनियंत्रित परिस्थितियों में इस बात की प्रबल आशंका बनी रहती है कि उग्र भीड़ उनके सुरक्षाकर्मी को भी अपने घेर में ले सकती है। ऐसे में उसके साथ कोई भी गंभीर दुर्व्यवहार या अप्रिय घटना घटित हो सकती है, यहाँ तक कि भीड़भाड़ के बीच उनका सरकारी हथियार छीने जाने जैसी कोई बड़ी वारदात भी हो सकती है। इस स्थिति में राजनेता और सुरक्षाकर्मी दोनों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस संवेदनशील विषय को लेकर केंद्र सरकार और बिहार सरकार को पहले भी कई बार मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं। इसके अलावा, आधिकारिक पत्रों के माध्यम से भी सुरक्षा बढ़ाने का लिखित अनुरोध किया जा चुका है, किंतु अभी तक उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी आवश्यक और अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है।

सरकार से तीखा सवाल— “यदि भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हुई, तो उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी किसकी होगी?”

सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तेज प्रताप यादव ने कड़े शब्दों में पूछा कि वे एक बार फिर प्रशासन से यह जानना चाहते हैं कि यदि भविष्य में उनके साथ अथवा उनके कर्तव्यरत सुरक्षाकर्मी के साथ कोई भी अप्रिय या घातक घटना घट जाती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? क्या सरकार किसी बड़ी अनहोनी के घटित होने का इंतजार कर रही है?

पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग, कहा— किसी विशेष सुविधा की नहीं बल्कि जान की हिफाजत के लिए मांग रहे हैं मुक्कमल सुरक्षा

अंत में उन्होंने केंद्र सरकार तथा बिहार सरकार से पुन: आग्रह किया कि उनकी वर्तमान बढ़ती लोकप्रियता, सार्वजनिक आयोजनों में उमड़ने वाले भारी जनसमूह और सुरक्षा से जुड़ी इन गंभीर परिस्थितियों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल संज्ञान में लिया जाए। उन्होंने मांग की कि उन्हें तुरंत पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया कराया जाए ताकि किसी भी संभावित अप्रिय दुर्घटना को समय रहते टाला जा सके। उन्होंने दो टूक कहा कि एक जनप्रतिनिधि की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है। वे सरकार से किसी भी प्रकार की वीआईपी या विशेष सुख-सुविधाओं की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल अपनी और अपने सुरक्षाकर्मी की जीवन रक्षा के लिए जरूरी पुख्ता इंतजाम चाहते हैं। सरकार को इस अति-संवेदनशील मामले पर बिना किसी विलंब के गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।

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