Indore Dewas TI Dilip Puri Murder Case: देवास में टीआई दिलीप पुरी की हत्या और जहरीली शराब कांड पर गरमाई सियासत, एसआईटी जांच शुरू
इंदौर: मध्य प्रदेश के देवास जिले में हाल ही में जहरीली शराब पीने के कारण 17 लोगों की मौत का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि शराब तस्करों ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए खातेगांव थाना प्रभारी पर तेज रफ्तार ट्रक चढ़ाकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। इस अत्यंत गंभीर और वीभत्स घटना के सामने आने के बाद से एक बार फिर पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद राज्य की राजनीतिक फिजा भी गरमा गई है, जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखे हमले बोले हैं, तो वहीं विपक्षी दल भी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने और सच्चाई सामने लाने के लिए शासन स्तर पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है, जिसकी कमान वरिष्ठ अधिकारी ADGP उपेंद्र जैन को सौंपी गई है।
खातेगांव थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने टीआई दिलीप पुरी को रौंदा, मौके पर ही हुई दर्दनाक मौत
यह खौफनाक वारदात देवास जिले के खातेगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुख्य हाईवे पर घटित हुई। बीती देर रात खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी अपनी पुलिस टीम के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की सघन जांच-पड़ताल और गश्त करने में जुटे हुए थे। इसी दौरान वहां से एक संदिग्ध और तेज रफ्तार ट्रक गुजरा। जब ड्यूटी पर तैनात थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने उस वाहन को रुकने का इशारा किया और रोकने का प्रयास किया, तो बेखौफ ट्रक चालक ने अपनी गाड़ी धीमी करने के बजाय सीधे टीआई पर चढ़ा दी। इस जोरदार टक्कर के परिणामस्वरूप थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
देवास शराबकांड में अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार, अवैध कारोबार में राजनीतिक संलिप्तता के लग रहे हैं गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के उजागर होने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर चारों तरफ से सवाल उठ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ ही दिन पूर्व देवास जिले में जहरीली और नकली शराब के सेवन से 17 मासूम लोगों की जान चली गई थी। उस मामले में पुलिस लगातार दबिश देकर नकली शराब बनाने और बेचने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिसके तहत अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बीच यह गंभीर आरोप भी सामने आए हैं कि इस अवैध शराब के कारोबार और तस्करी में एक बड़े राजनीतिक दल से जुड़े नेता का बेटा भी संलिप्त रहा है।
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर बोला तीखा हमला, अपराधियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
इस वीभत्स घटना और शराब तस्करी के नेटवर्क को लेकर सत्ताधारी दल बीजेपी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने तीखा बयान देते हुए कहा कि “प्रदेश में अवैध शराब तस्करी के इस पूरे रैकेट का जैसे-जैसे खुलासा हो रहा है, उसमें यह साफ नजर आ रहा है कि इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के करीबी और उनके पार्टी के कार्यकर्ता ही शामिल हैं।” भाजपा प्रवक्ता ने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस से जुड़े लोग ही पहले इस तरह के गैरकानूनी अपराधों को अंजाम देते हैं और फिर बाद में अपराधियों के समर्थन में खड़े हो जाते हैं।
राज्य सरकार ने उठाया सख्त कदम, एडीजी उपेंद्र जैन के नेतृत्व में गठित एसआईटी करेगी इस पूरे हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री देवड़ा सहित सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने इस पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच करवाए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर तुरंत एक एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है, और इसकी पूरी जिम्मेदारी ADGP उपेंद्र जैन को सौंपी गई है, ताकि इस खौफनाक वारदात के पीछे के हर एक राज का पर्दाफाश किया जा सके।
कांग्रेस प्रवक्ता राजेश चौकसे की मांग—दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई, पुलिस और प्रशासन को पहले ही दी गई थी तस्करों की जानकारी
दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश चौकसे ने कहा कि “इस पूरे मामले में जो भी लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ बिना किसी नरमी के सबसे कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले काफी समय से कांग्रेस पार्टी लगातार देवास के स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को वहां सक्रिय शराब तस्करों के बारे में पुख्ता जानकारियां दे रही थी, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। जिस तरह से तस्करों के हौसले बुलंद होने के कारण आज एक पुलिस अधिकारी को अपनी जान गंवानी पड़ी है, वह बेहद चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव का तंज— “मध्य प्रदेश में अब माफिया चला रहे हैं सरकार, जब कानून के रक्षक ही सुरक्षित नहीं तो आम जनता का क्या?”
इस दुखद घटना पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर गहरा दुख जताया और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि “थाना प्रभारी दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलकर मार डाला जाना प्रदेश की कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा तमाशा और विफलता है। मध्य प्रदेश में आज स्थिति यह हो गई है कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य में सरकार नहीं बल्कि माफिया राज चल रहा है और मौजूदा सरकार मूकदर्शक बनकर बैठी हुई है। जब प्रदेश में कानून के रखवाले ही इस तरह सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? मुख्यमंत्री मोहन यादव जी को प्रदेश की जनता को इसका जवाब देना चाहिए कि आखिर राज्य में कानून का राज है या पूरी तरह से माफियाओं का कब्जा है।”