सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने रक्तदान को बताया जीवन रक्षा का संकल्प, श्री हनुमान बालाजी मंदिर में 237 यूनिट रक्त संग्रह
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2026 : सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने की दिशा में श्री हनुमान बालाजी मंदिर, विवेक विहार में 63वां रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर के दौरान स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने कुल 237 यूनिट रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की सहायता में योगदान दिया। मंदिर में वर्ष 2001 से चल रही इस पहल का उद्देश्य रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों की मदद करना और आम लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक बनाना है। आयोजन के लिए जीटीबी अस्पताल, दिल्ली से लगभग 25 सदस्यीय चिकित्सकीय टीम पहुंची।

मंदिर के अध्यक्ष सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में मदद करना मानवता की सच्ची सेवा है। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और आपातकालीन उपचार के दौरान रक्त की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भागीदारी से मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है। इसी भावना के साथ मंदिर में वर्षों से रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि रक्त का पूर्ण कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए रक्तदान का महत्व बहुत अधिक है। रक्त से प्राप्त विभिन्न घटकों का इस्तेमाल अलग-अलग मरीजों के उपचार में किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपनी स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय पात्रता को ध्यान में रखते हुए रक्तदान करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने कहा कि मंदिर में रक्तदान पूरी तरह स्वैच्छिक रखा जाता है। किसी व्यक्ति को रक्तदान के लिए बाध्य नहीं किया जाता। रक्त संग्रह से पहले आवश्यक चिकित्सकीय जांच की जाती है और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों पर पात्र पाए जाने वाले लोगों से ही रक्त लिया जाता है। जिन व्यक्तियों का हीमोग्लोबिन निर्धारित स्तर से कम हो या जो अन्य चिकित्सकीय मानकों पर खरे न उतरें, उनसे रक्त नहीं लिया जाता।

उन्होंने जानकारी दी कि श्री हनुमान बालाजी मंदिर में वर्ष में तीन बार रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं। जून महीने में कई बार 250 से 350 यूनिट तक रक्त एकत्रित होता है। आगामी रक्तदान शिविर 14 फरवरी 2027 को आयोजित करने की योजना है। मंदिर परिवार भविष्य में भी इस सेवा अभियान को आगे बढ़ाने और अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने का प्रयास करेगा।
आयोजन के सफल समापन पर सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने रक्तदाताओं, चिकित्सकों, तकनीशियनों, मंदिर सेवकों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से आगामी शिविरों में शामिल होने और रक्तदान के महत्व को समाज तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान न कर पाने वाले लोग भी रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाकर योगदान दे सकते हैं। सामूहिक सहयोग और सेवाभाव से जरूरतमंद मरीजों की मदद करने की इस पहल को और व्यापक बनाया जा सकता है।