Jio Platforms IPO Listing: शेयर बाजार में रिलायंस के जियो का धमाकेदार डेब्यू, 30,200 करोड़ के मेगा आईपीओ ने पहले ही दिन निवेशकों को किया मालामाल
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में बुधवार का दिन निवेशकों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक साबित हुआ, जिसका इंतजार पिछले काफी समय से देश-दुनिया के करोड़ों निवेशकों को था। रिलायंस समूह के तहत आने वाली टेलीकॉम और डिजिटल दिग्गज कंपनी ‘जियो प्लेटफॉर्म्स’ (Jio Platforms) के शेयरों ने स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी धमाकेदार और तेज शुरुआत कर दी है। कंपनी के कुल 30,200 करोड़ रुपये के इस विशाल मेगा आईपीओ (IPO) ने शेयर बाजार में कदम रखते ही अपने शुरुआती निवेशकों की झोली पैसों से भर दी है। जिन भाग्यशाली निवेशकों को इस पब्लिक इश्यू में शेयर अलॉट हुए थे, उन्हें बाजार खुलते ही पहले ही दिन बहुत ही जोरदार मुनाफा हाथ लगा है। इस शेयर की लिस्टिंग ठीक वैसी ही मजबूत और आक्रामक रही, जैसी अनौपचारिक यानी ग्रे मार्केट से लगातार उम्मीदें जताई जा रही थीं।
21% से अधिक के प्रीमियम पर 1358 रुपये पर हुई लिस्टिंग, जानिए एक लॉट पर कितना फायदा
इस मेगा आईपीओ के लिए कंपनी ने अपने शेयरों का अपर प्राइस बैंड 1119 रुपये तय किया था। बुधवार को जब शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत हुई, तो जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर तय कीमत से करीब 21.35 फीसदी के शानदार प्रीमियम के साथ सीधे 1358 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ। इसका सीधा मतलब यह है कि निवेशकों को प्रति शेयर के हिसाब से सीधे तौर पर 239 रुपये का भारी मुनाफा मिला है। इस आईपीओ का कुल लॉट साइज 12 इक्विटी शेयरों का था, जिसके आधार पर अगर किसी निवेशक को केवल एक लॉट भी अलॉट हुआ था, तो उसे बाजार में आते ही पहले ही दिन 2,868 रुपये का तगड़ा मुनाफा मिल गया। उल्लेखनीय है कि लिस्टिंग से ठीक पहले ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम (GMP) लगभग 247 रुपये चल रहा था, जिससे 1366 रुपये के आसपास भाव खुलने की उम्मीद थी और वास्तविक लिस्टिंग भी इसी अनुमान के बेहद करीब रही है।
भारती एयरटेल को पछाड़कर देश की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनी जियो प्लेटफॉर्म्स
इस बेहद मजबूत और आक्रामक लिस्टिंग के साथ ही भारतीय शेयर बाजार के दिग्गजों के बीच का समीकरण भी पूरी तरह बदल चुका है। बाजार पूंजीकरण के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स अब अपनी पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के बाद भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान (Most Valuable) कंपनी बन गई है। वर्तमान में जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) 12.61 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। इसके मुकाबले, पिछले कारोबारी सत्र में एनएसई (NSE) पर भारती एयरटेल का शेयर 1,978.80 रुपये पर बंद हुआ था और उस समय उसका कुल मार्केट कैप लगभग 12.35 लाख करोड़ रुपये था। जियो की इस जबरदस्त छलांग के बाद अब भारती एयरटेल लिमिटेड खिसककर तीसरे पायदान पर आ गई है।
सब्सक्रिप्शन के दौरान टूटे थे पुराने सारे रिकॉर्ड, निवेशकों का मिला था ऐतिहासिक समर्थन
याद दिला दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स का यह बहुप्रतीक्षित आईपीओ बीते 21 से 23 अक्टूबर के दौरान आम और संस्थागत निवेशकों के लिए खुला था। कंपनी ने इस तीन दिवसीय बोली प्रक्रिया के दौरान 1,065 से 1,119 रुपये की प्राइस रेंज में अपने शेयर उतारे थे। यह पूरा का पूरा इश्यू पूरी तरह से 27 करोड़ नए इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू था, और इसमें किसी भी प्रकार का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल नहीं था। सब्सक्रिप्शन के उस दौर में इस आईपीओ ने भारतीय प्राइमरी मार्केट के आज तक के सभी पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया था। इसे कुल मिलाकर 22.19 गुना तक सब्सक्राइब किया गया था। इस मेगा इश्यू में कुल मिलाकर लगभग 1.4 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनके जरिए निवेशकों ने 4.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी-भरकम बोलियां लगाई थीं। आवेदनों की कुल संख्या से लेकर कुल बोली की राशि तक, यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ है। इस भारी सफलता में संस्थागत निवेशकों (QIBs) की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रही, जिनका कोटा 70.55 गुना से भी अधिक भरा गया था।
शानदार लिस्टिंग के बाद निवेशकों के मन में सवाल- अब मुनाफा बुक करें या शेयर को लंबे समय के लिए होल्ड रखें?
1358 रुपये के मजबूत भाव पर शेयर के लिस्ट होने के बाद अब तमाम निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही चल रहा है कि उन्हें मौजूदा स्तर पर अपना मुनाफा (Profit) बांध लेना चाहिए या फिर इस शेयर को लंबी अवधि के लिए अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखना चाहिए। इस पर बाजार विशेषज्ञों और रिसर्च फर्म्स ने अपनी स्पष्ट रणनीतियां साझा की हैं। जानकारों का मानना है कि जिस ऊंचे स्तर पर स्टॉक की लिस्टिंग हुई है, वहां इसकी मौजूदा वैल्यूएशन काफी हद तक पूरी (Fairly Valued) हो चुकी है। ऐसे में इस स्तर से तुरंत किसी बहुत बड़ी तेजी की उम्मीद करना जल्दबाजी हो सकती है। इसलिए समझदारी इसी बात में है कि निवेशक लिस्टिंग के दिन ही अपना कुछ मुनाफा वसूल कर लें। इसके बाद, जब शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के बीच यह स्टॉक दोबारा निचले स्तरों यानी लगभग 1200 से 1250 रुपये के दायरे में मिले, तब इसमें दोबारा से फ्रेश खरीदारी करने का विचार किया जा सकता है।