Bihar MLC Election Results: पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीट पर बड़ा उलटफेर, जेडीयू के नीरज कुमार और आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार जीते
पटना: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के जैसे-जैसे चुनावी परिणाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य की सियासत में बड़े और चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ताजा नतीजों के अनुसार, पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दोनों सीटों पर चुनावी समीकरण पूरी तरह पलट गए हैं। पटना स्नातक निर्वाचन सीट पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कद्दावर उम्मीदवार नीरज कुमार ने शानदार जीत हासिल की है, वहीं दूसरी ओर पटना शिक्षक निर्वाचन सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समर्थित उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज और लंबे समय से अजेय रहे नेता नवल किशोर यादव को परास्त कर एक नया और ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया है।
पटना शिक्षक निर्वाचन सीट पर आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार ने नवल किशोर यादव को दी शिकस्त
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के कड़े मुकाबले में आरजेडी प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के नवल किशोर यादव को 1,057 मतों के अंतर से करारी शिकस्त दी है। यह चुनावी मुकाबला राजनीतिक गलियारों में बेहद खास माना जा रहा था, क्योंकि पराजित होने वाले नवल किशोर यादव पिछले लगभग तीन दशकों यानी 30 साल से इस सीट पर लगातार अपना कब्जा जमाते आ रहे थे। इस ऐतिहासिक जीत के बाद स्नातक सीट के विजेता जेडीयू नेता नीरज कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे धनबल और बाहुबल की राजनीति के खिलाफ जमीनी कार्यकर्ताओं के नैतिक बल की एक बड़ी जीत बताया।
बांकीपुर के बाद पटना शिक्षक सीट पर भी बीजेपी को बड़ा झटका, तीसरे स्थान पर रहीं जनसुराज की प्रत्याशी
पटना शिक्षक निर्वाचन सीट पर इस बार मुख्य मुकाबला आरजेडी और बीजेपी के बीच ही सिमटा रहा, जबकि इस दौड़ में जनसुराज की उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति तीसरे पायदान पर रहीं। मतगणना के आंकड़ों के मुताबिक, आरजेडी के विजयी उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार को कुल 4,487 वोट मिले, जबकि उनके मुकाबले बीजेपी के नवल किशोर यादव को 3,430 मत प्राप्त हुए। अपनी इस महत्वपूर्ण जीत के बाद डॉ. संजीव कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह लड़ाई बेहद संघर्षपूर्ण थी और वह भविष्य में भी शिक्षकों के अधिकारों तथा उनके हितों के लिए पूरी ईमानदारी से आवाज उठाते रहेंगे। जीत के बाद आरजेडी उम्मीदवार ने यह आरोप भी लगाया कि उनके विरोधी को मिले वोटों में भी फर्जी मतदाताओं का सहारा लिया गया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम के बाद पटना शिक्षक क्षेत्र के सियासी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले विधानसभा चुनावों के दौरान भी बीजेपी को पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर सीट पर तीन दशक बाद हार का सामना करना पड़ा था, जहां जनसुराज समर्थित प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी।
बाहुबली विधायक के समर्थकों को पछाड़कर पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार ने लहराया परचम
दूसरी ओर, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार ने अपनी राजनीतिक कौशल का परिचय देते हुए बड़ी जीत दर्ज की है। इस चुनाव के दौरान उन्हें अपनी ही पार्टी के भीतर से भी आंतरिक विरोध और चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थन वाले जनसुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह को एक बड़े अंतर से शिकस्त दी है। पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ चुनावी बगावत और अनुशासनहीनता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पहले ही जेडीयू से निष्कासित किया जा चुका है।
कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लाई, एनडीए को पहली और दूसरी वरीयता के वोटों में भी बढ़त का दावा
अपनी इस शानदार जीत के बाद जेडीयू प्रत्याशी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने चुनावी वैतरणी पार करने में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका को सर्वोपरि बताया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि पार्टी का एक भी कार्यकर्ता विरोधियों के धनबल और बाहुबल के आगे घुटने टेकने को तैयार नहीं हुआ। उन्होंने यह भी पुख्ता दावा किया कि मतों की गिनती के दौरान पहली वरीयता के वोटों में एनडीए ने स्पष्ट बढ़त बनाई रखी और साथ ही दूसरी वरीयता के मतों में भी गठबंधन को भारी बढ़त मिलने की पूरी उम्मीद है।