Arunachal Pradesh Violence: पासीघाट में बांध विरोधी प्रदर्शन के बाद भारी सुरक्षा बल तैनात, 26 लोग गिरफ्तार; जानें क्या है पूरा मामला
पासीघाट: अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले के मुख्यालय पासीघाट में हुई हिंसक घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। राज्य पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारियों के अनुसार, स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के साथ-साथ दंगा नियंत्रण के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त टुकड़ियों को भेजा जा रहा है। शांति बहाली के लिए लगभग 800 सुरक्षाकर्मियों को मैदान में उतारा जा रहा है, और आवश्यकता पड़ने पर महिला पुलिसकर्मियों समेत कुल 10 कंपनियों को भी तैनात किए जाने की पूरी तैयारी है।
सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के विरोध से भड़का तनाव
यह पूरा मामला पासीघाट क्षेत्र में प्रस्तावित ‘सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ के विरोध से जुड़ा हुआ है, जिसके खिलाफ स्थानीय स्तर पर लंबे समय से प्रदर्शन चल रहे थे। बीते शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार तक पासीघाट में भयंकर हिंसा, तोड़फोड़ और कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के आवासों पर लूटपाट जैसी अप्रिय घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। सैन्यीकरण के खिलाफ युवा वर्ग (Gen Z) के नेतृत्व में निकाले गए मोर्चों और बांध का विरोध कर रहे ग्रामीणों की लगातार हो रही गिरफ्तारियों के चलते यह पूरा विवाद और अधिक गहरा गया है।
प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बहाल करने की बड़ी चुनौती
इस हालिया हिंसक उपद्रव के बाद जिला प्रशासन और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था को पुनः स्थापित करने की है। सुरक्षा बलों की भारी-भरकम अतिरिक्त तैनाती का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित उपद्रव को समय रहते रोकना और आम जनजीवन को सुरक्षित करना है। स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियां मिलकर पूरी स्थिति पर अत्यंत करीब से नजर बनाए हुए हैं ताकि क्षेत्र में दोबारा किसी प्रकार की अशांति न फैले।
हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब तक 26 लोग गिरफ्तार
पासीघाट में सियांग नदी पर बनने वाले इस मेगा बांध के विरोध में गत 23 अक्टूबर को बुलाए गए बंद के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 26 लोगों को धर दबोचा है, जिनमें पांच नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं। ईस्ट सियांग के पुलिस अधीक्षक पंकज लांबा ने एक प्रेस बयान जारी कर यह जानकारी दी कि इस सिलसिले में कुल आठ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, और इस पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने के लिए फिलहाल छह अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्रमुख कार्यकर्ताओं का आत्मसमर्पण और कानूनी कार्रवाई
पुलिस द्वारा की जा रही कड़ी कानूनी कार्रवाई के दबाव के बीच, इस प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख बांध-विरोधी कार्यकर्ता एबो मिली और युवा नेता ओतुल जेरांग ने स्वयं आगे आकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि किशोर न्याय अधिनियम और कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए पकड़े गए सभी पांचों नाबालिगों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रव में शामिल अन्य दोषियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की मदद ली जा रही है, और जल्द ही और भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।