Koderma Railway News: कोडरमा स्टेशन पर बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन की बोगी में लगी भीषण आग; मची अफरा-तफरी, बोगी काटकर की गई अलग
कोडरमा। झारखंड के कोडरमा रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब हजारीबाग टाउन होते हुए बरकाकाना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में अचानक आग लग गई। अगलगी की यह घटना ट्रेन के सबसे पिछले कोच में हुई। घटना के तुरंत बाद रेलकर्मियों ने अद्भुत सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते आग पकड़े हुए पिछले कोच को ट्रेन से काटकर अलग कर दिया। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्टेशन स्टाफ की मदद से आग पर त्वरित नियंत्रण पाने का प्रयास शुरू किया गया।
⏰ प्लेटफॉर्म नंबर 1 से खुलने ही वाली थी ट्रेन: 7 अग्निशमन यंत्रों और फायर ब्रिगेड की मदद से बुझी आग
शुरुआत में रेलवे कर्मियों ने परिसर में मौजूद 7 अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) और नल के पाइपों के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया।
बाद में सूचना मिलते ही दमकल (फायर ब्रिगेड) की टीम भी मौके पर पहुँच गई और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। उल्लेखनीय है कि गाड़ी संख्या 53373 कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर खड़ी थी और दोपहर 3:15 बजे रवाना होने वाली थी।
♿ दिव्यांग बोगी में लगी थी आग: यात्रियों की सतर्कता से समय रहते मिला सुराग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन के जिस अंतिम डिब्बे में आग लगी थी, वह दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित (SLRD) कोच था।
गनीमत यह रही कि उस कोच में कोई भी यात्री सवार नहीं था, जबकि उससे ठीक आगे वाली बोगी में कई यात्री अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर मौजूद मुस्तैद यात्रियों ने बोगी से अचानक घना धुआं निकलते देखा और तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर व रेलकर्मियों को दी।
🚨 RPF और स्टेशन मास्टर की त्वरित कार्रवाई: बड़ी दुर्घटना होने से बची
आग बुझाने के इस अभियान में आरपीएफ (RPF) प्रभारी दीपक कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैदी से डटा रहा।
मौके पर मौजूद स्टेशन मास्टर विकास कुमार ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन कुछ ही मिनटों में खुलने वाली थी। यात्रियों द्वारा अंतिम बोगी से धुआं निकलने की सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए बोगी को अलग करने और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
💨 ‘अचानक आने लगी जलने की बदबू’: ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताई आपबीती
ट्रेन में सवार यात्रियों ने घटना का अनुभव साझा करते हुए बताया कि ट्रेन में बैठने के दौरान उन्हें अचानक किसी वस्तु के जलने की तेज गंध आने लगी।
जब यात्रियों ने संदेह होने पर ट्रेन से बाहर निकलकर देखा, तो पाया कि उनके ठीक पीछे वाले दिव्यांग कोच से भारी मात्रा में धुआं और आग की लपटें निकल रही थीं। यात्रियों की तत्परता और रेलकर्मियों के त्वरित एक्शन से एक बड़ा रेल हादसा होने से टल गया।