ब्रेकिंग
Bhopal Crime: भोपाल में HIV संक्रमित साइको किलर गिरफ्तार; गे डेटिंग एप के जरिए बनाता था शिकार Indore Crime News: एनआईटी हैदराबाद से बीटेक करने वाले युवक ने इंदौर में की आत्महत्या; डिप्रेशन और रै... Chhindwara Land Scam News: छिंदवाड़ा में सियासी घमासान; कांग्रेस विधायक सुनील उईके का सांसद बंटी साह... Bhopal News: ऐशबाग में बुजुर्ग दंपति की संदिग्ध मौत; घर से आती बदबू के बाद मिली डीकंपोज लाशें Unexplained Weight Loss: बिना डाइट और एक्सरसाइज वजन क्यों घट रहा है? जानें इसके पीछे की गंभीर बीमारि... Sharmistha Mukherjee on PM Modi: 'आप मोदी से नफरत या प्यार करें, लेकिन ब्रांड मोदी को नजरअंदाज नहीं ... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे हत्याकांड में 'राजस्थान कनेक्शन'; आरोपी चेतन चौधरी का कौन है सिया गो... RCP Singh-Nitish Kumar Meeting: क्या जेडीयू में होगी आरसीपी सिंह की वापसी? नीतीश कुमार से मुलाकात के... Sandeep Singh Murder Case: लखनऊ एनकाउंटर में कुख्यात शूटर संजय का खात्मा; 5 लाख की सुपारी लेकर की थी... Haveri Wedding News: सगाई में दिए गहने निकले नकली, रोल्ड गोल्ड का पता चलते ही टूटी शादी; जानें पूरा ...

Ashura in Iran: ईरान में मुहर्रम का मातम; इमाम हुसैन की शहादत को याद कर भावुक हुए लोग

ईरान: इस वर्ष ईरान में मुहर्रम और आशूरा का पर्व पहले से कहीं अधिक भावुकता और गम के माहौल में मनाया गया। फरवरी में हुए अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद यह पहला मुहर्रम था, जिसमें लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत के साथ-साथ हालिया युद्ध में मारे गए अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई, सैन्य अधिकारियों और हजारों आम नागरिकों को भी याद किया।

🏴 आशूरा: अन्याय के खिलाफ कुर्बानी का दिन

आशूरा का दिन 680 ईस्वी में हुई कर्बला की जंग की याद में मनाया जाता है। इमाम हुसैन ने यजीद की विशाल सेना के सामने अन्याय के खिलाफ डटकर कुर्बानी दी थी। यही कारण है कि आज भी आशूरा को दुनिया भर में ‘अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने’ का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। ईरान के शहरों और गांवों में लाखों लोग सड़कों पर उतरे, सीना पीटकर मातम किया और नौहे (शोक गीत) गाकर इमाम की कुर्बानियों को नमन किया।

💧 तासुआ और हजरत अब्बास की याद

आशूरा से एक दिन पहले ‘तासुआ’ मनाया गया, जिसमें इमाम हुसैन के सौतेले भाई हजरत अब्बास को याद किया गया, जो कर्बला में प्यासे बच्चों के लिए पानी लाते हुए शहीद हो गए थे। इस दौरान ईरान के अलावा इराक के पवित्र शहर कर्बला में भी दुनिया भर से लाखों जायरीन पहुंचे और इमाम की दरगाह पर अकीदत के फूल चढ़ाए।

🤲 इंसानियत और सेवा का संदेश

मुहर्रम के दौरान पूरे ईरान में ‘नज़री’ (मुफ्त भोजन) का वितरण किया गया। यह परंपरा इमाम हुसैन की इंसानियत, सेवा और उदारता की सीख को जीवंत रखती है। ज़रूरतमंदों और मातम करने वालों को भोजन कराकर लोगों ने कर्बला की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।