ब्रेकिंग
कवर्धा में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख के जाली नोट, टाटा पंच EV कार और प्रिंटर के साथ 3 ग... पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के... भोपाल में 'हर घर तिरंगा' अभियान की भव्य तैयारी: कोलार से बैरागढ़ तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रशासन न... रतलाम में 24 घंटे में ढाई इंच बारिश: फसलों को मिला संजीवनी बूस्टर, जिला अस्पताल के वार्डों में टपका ...

Dhamtari News: कृषि में क्रांति! धमतरी बना देश का पहला जिला, PACS के जरिए किसानों को मिलेगी अत्याधुनिक ‘ड्रोन स्प्रेयर’ सुविधा

कृषि प्रधान धमतरी जिले ने आधुनिक खेती की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में धमतरी देश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां ‘प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों’ (PACS) के माध्यम से किसानों को ‘ड्रोन स्प्रेयर’ की अत्याधुनिक सुविधा मिलने जा रही है। इस क्रांतिकारी पहल का उद्देश्य खेती-किसानी को न केवल आसान बनाना है, बल्कि रसायनों के छिड़काव में दक्षता लाकर लागत को कम करना भी है।

🚁 ड्रोन पायलटों ने दिखाया दम: लाइव डेमोंस्ट्रेशन

लोहरसी में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 10 चयनित समितियों के प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने किसानों के सामने ड्रोन स्प्रेयर का सफल लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया। इस प्रदर्शन में यह स्पष्ट हुआ कि ड्रोन के माध्यम से उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव कितना सटीक और प्रभावशाली हो सकता है। यह तकनीक न केवल रसायनों की बर्बादी को रोकेगी, बल्कि किसानों के बहुमूल्य समय की भी भारी बचत करेगी।

👨‍🌾 कृषि के क्षेत्र में ‘मॉडल जिला’ धमतरी

ड्रोन तकनीक को अपनाकर धमतरी ने पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस पहल को ‘क्रांतिकारी’ बताते हुए कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के द्वार तक पहुंचाना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। ड्रोन के इस्तेमाल से रसायनों का संतुलित छिड़काव होगा, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ेगी और रसायनों के सीधे संपर्क से किसान की सेहत को होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।

📈 ‘ड्रोन दीदी’ से नई पीढ़ी तक जुड़ाव

भारत सरकार की ‘ड्रोन दीदी’ योजना के माध्यम से महिलाएं पहले ही इस क्षेत्र में सशक्त हो रही हैं, और अब धमतरी के इस मॉडल ने पुरुष और महिला दोनों ही प्रकार के प्रशिक्षित पायलटों के लिए अवसर खोल दिए हैं। यह पहल खेती की लागत कम करने के साथ ही ग्रामीण युवाओं के लिए ‘ड्रोन पायलट’ के रूप में रोजगार के नए रास्ते भी खोल रही है।

संपादकीय टिप्पणी: क्या आपको लगता है कि हर जिले में इस तरह के ‘ड्रोन हब’ सहकारी समितियों के माध्यम से बनाए जाने चाहिए ताकि छोटे किसान भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें? अपने विचार नीचे साझा करें।