उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में लंबे समय से चल रही स्थायी डीजीपी की तलाश अब समाप्त हो गई है। राज्य को चार साल के लंबे अंतराल के बाद अपना स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है। IPS राजीव कृष्ण, जो अब तक कार्यवाहक डीजीपी की भूमिका निभा रहे थे, को अब राज्य का पूर्णकालिक (स्थायी) डीजीपी नियुक्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा भेजे गए पैनल पर विचार करने के उपरांत इस नियुक्ति को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
📋 UPSC पैनल और चयन प्रक्रिया
नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत UPSC ने 26 मई को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद राज्य सरकार को अधिकारियों का एक पैनल सौंपा था। इस सूची में 1990-बैच की IPS अधिकारी रेणुका मिश्रा, 1991-बैच के IPS अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम शामिल थे। चर्चाओं के अनुसार, राजीव कृष्ण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहली पसंद थे, जिसके चलते उन्हें प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व करने का दायित्व सौंपा गया है।
⚖️ नई जिम्मेदारी और चुनौतियां
राजीव कृष्ण की स्थायी नियुक्ति के साथ ही अब राज्य पुलिस विभाग में नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने और पुलिसिंग में आधुनिक सुधार लाने की दिशा में उनके अनुभव का लाभ राज्य को मिलेगा। अब आधिकारिक रूप से आदेश जारी होने के बाद वे प्रदेश के पुलिस बल का संचालन करेंगे।
संपादकीय टिप्पणी: एक स्थायी पुलिस प्रमुख का होना राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के मनोबल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्या आपको लगता है कि इस नियुक्ति से प्रदेश में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग में और अधिक प्रभावी बदलाव देखने को मिलेंगे? अपने विचार नीचे साझा करें।