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Rajasthan Dust Storm: राजस्थान के 4 जिलों में दिखा खौफनाक ‘रेतीला बवंडर’; दिन में ही छाया अंधेरा, थम गई जिंदगी

राजस्थान में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। शनिवार दोपहर को सीकर, चूरू, गंगानगर और बीकानेर जिले के लोग उस समय हैरान रह गए, जब अचानक आसमान धूल के विशाल गुबार से ढक गया। तेज हवाओं के साथ आए इस ‘रेतीले बवंडर’ ने देखते ही देखते पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया, जिससे दिन में ही रात जैसा नजारा देखने को मिला।

🚧 थम गई वाहनों की रफ्तार

दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई इस आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुंच गई। सड़कों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर रेंगना पड़ा। धूल का गुबार इतना घना था कि कुछ मीटर की दूरी देख पाना भी असंभव हो गया था। इस डरावने बवंडर के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं, जो राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों की विभीषिका को बयां कर रहे हैं।

🌀 कैसे बनता है ‘रेतीला बवंडर’?

रेगिस्तानी इलाकों में जब तेज गर्म हवाएं चलती हैं, तो वे रेत के टीलों पर लहरें बना देती हैं। हवा की गति बढ़ने पर ये लहरें ढीली धूल को अपने साथ ऊपर उठा लेती हैं और एक विशाल बवंडर का रूप ले लेती हैं। ये बवंडर कई बार मीलों लंबे होते हैं और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को धूल के आगोश में समेट लेते हैं।

🌡️ राहत या आफत? तापमान में आई गिरावट

हालांकि, इस आंधी के कारण जनजीवन जरूर प्रभावित हुआ, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से राजस्थान के कई इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। लंबे समय से भीषण गर्मी और हीटवेव झेल रहे लोगों के लिए यह आंधी थोड़ी राहत लेकर आई है। मौसम विभाग ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

संपादकीय टिप्पणी: रेगिस्तान में धूल भरी आंधी एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन इतनी तीव्र गति के बवंडर से सावधानी बरतना जरूरी है। क्या आपके शहर में भी मौसम ने ऐसा ही रुख अपनाया है? अपने विचार नीचे साझा करें।