Giridih News: बगोदर में नेशनल हाईवे पर प्रशासन का सख्त एक्शन, औंरा साप्ताहिक हाट से हटवाई गईं दुकानें
गिरिडीह: इसरी बाजार में पिछले दिनों हुई सड़क दुर्घटना के बाद बगोदर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है। नेशनल हाईवे (NH) पर जाम और हादसों की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को औंरा में एनएच के एक लेन पर लगने वाली साप्ताहिक हाट में दुकानों को प्रशासन ने हटवा दिया है। कार्रवाई के दौरान दुकानों के तंबू और खूंटे भी हटा दिए गए ताकि सड़क पूरी तरह साफ हो सके।
📢 सीओ और थाना प्रभारी की चेतावनी: NH पर दुकान लगाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बगोदर सीओ प्रवीण कुमार और थाना प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने दुकानदारों को सड़क किनारे किसी भी तरह की दुकान नहीं लगाने की सख्त हिदायत दी। प्रशासन द्वारा माइकिंग कर दुकानदारों को साफ चेताया गया कि वे अपनी आदत सुधार लें। यदि अगले शुक्रवार से हाईवे पर दुकानें लगीं, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🚑 सुरक्षा का हवाला: हादसों को रोकने और एम्बुलेंस की राह आसान करने की कवायद
पदाधिकारियों ने इसरी बाजार में हुई भीषण दुर्घटना का हवाला देते हुए कहा कि रोड पर दुकानें लगने से न सिर्फ हादसों का खतरा बना रहता है, बल्कि लंबा जाम भी लगता है। इस जाम की वजह से एम्बुलेंस, स्कूली बसों और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब किसी भी सूरत में हाईवे को बाधित नहीं होने देगा।
📋 डीसी के निर्देश पर एक्शन: चिन्हित स्थल पर ही हाट लगाने की अपील
सीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि डीसी राम निवास यादव के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया है। पिछले शुक्रवार को भी दुकानदारों को चेतावनी दी गई थी। प्रशासन ने सभी दुकानदारों से अपील की है कि वे साप्ताहिक हाट के लिए प्रशासन द्वारा पूर्व से चिन्हित स्थल पर ही अपनी दुकानें लगाएं, जिससे आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
🛣️ वर्षों पुरानी समस्या का समाधान: एक लेन पर बाधित हो जाता था ट्रैफिक
गौरतलब है कि बगोदर के औंरा में नेशनल हाईवे के एक लेन पर लंबे समय से हर शुक्रवार को साप्ताहिक हाट लगती आ रही है। इस कारण सड़क की एक लेन पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था। वाहनों की रफ्तार थमने से न केवल यात्रियों का समय बर्बाद होता था, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी हमेशा बनी रहती थी। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है।