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Deoghar Petrol Crisis: देवघर में गहराया ईंधन संकट, पंपों पर लटके ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड; ₹300 तक पहुंचा रेट

देवघर/जमशेदपुर: बाबा नगरी देवघर में इन दिनों ईंधन संकट गहराता हुआ दिखाई दे रहा है। शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं है” जैसे बोर्ड लगाए जा चुके हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि सुबह से लेकर देर शाम तक लोग एक पंप से दूसरे पंप का चक्कर काट रहे हैं। कई जगहों पर उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। ईंधन की इस किल्लत ने मेडिकल इमरजेंसी, परिवहन और छोटे कारोबारियों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है।

🏥 मेडिकल इमरजेंसी और ब्लैक मार्केटिंग: ₹300 प्रति लीटर तक बिक रहा पेट्रोल

ईंधन की कमी का सबसे बुरा असर मरीजों के परिजनों पर पड़ रहा है। अस्पताल जा रहे गुड्डू यादव ने बताया कि वे सुबह से कई पंपों का चक्कर लगा चुके हैं लेकिन कहीं पेट्रोल नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में इस किल्लत का फायदा उठाकर कुछ लोग ₹250 से ₹300 प्रति लीटर तक ब्लैक में पेट्रोल बेच रहे हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि इस अवैध बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।

🚚 रोजगार पर सीधा प्रहार: माल ढुलाई प्रभावित, ट्रक चालकों की बढ़ी मुश्किलें

स्थानीय मिनी ट्रक चालक विक्की यादव और सुनील चौधरी ने बताया कि डीजल नहीं मिलने के कारण माल ढुलाई का काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई गाड़ियां खड़ी करनी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि कई पेट्रोल पंपों पर ₹1000 से अधिक का डीजल नहीं दिया जा रहा, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले चालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। पंप कर्मचारियों के अनुसार, जिला प्रशासन के निर्देश पर सीमित मात्रा में वितरण किया जा रहा है ताकि सभी को थोड़ा-बहुत ईंधन मिल सके।

⚖️ उपायुक्त की सख्त हिदायत: ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

लोगों की शिकायतों को देखते हुए जिला उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। उपायुक्त ने दावा किया कि जिले में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है और आवश्यकतानुसार आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जो लोग कृत्रिम कमी दिखाकर ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं, उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए।

📢 डीलर्स एसोसिएशन का पक्ष: “ईंधन की कमी नहीं, पैनिक बाइंग है मुख्य कारण”

कोल्हान पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव राजीव सिंह ने बताया कि जनता में फैले पैनिक की वजह से संकट बढ़ गया है। लोग जरूरत से ज्यादा स्टॉक कर रहे हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। उन्होंने तकनीकी समस्या का जिक्र करते हुए बताया कि अब एडवांस पेमेंट के बाद ही टैंकर रवाना होता है, जबकि ऑनलाइन भुगतान का पैसा दूसरे दिन क्रेडिट होता है। उन्होंने जनता से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि धीरे-धीरे भीड़ कम हो रही है और स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी।