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गढ़वा: सिरोईकला में नदी पार कर स्कूल पहुंचते हैं छात्र और शिक्षक, DC ने दिए पुल निर्माण की जांच के निर्देश

गढ़वा (झारखंड): गढ़वा जिले में मानसून के दिनों में लगभग 360 स्कूली बच्चों का भविष्य संकट में पड़ जाता है। बच्चे और शिक्षक प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें उफनती नदी पार करके विद्यालय जाना पड़ता है। रंका प्रखंड के सिरोईकला उत्क्रमित उच्च विद्यालय के लगभग 360 छात्र-छात्राएं और शिक्षक हर दिन इस विकट समस्या से जूझते हैं। बरसात के मौसम में जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, तो कई दिनों तक पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह ठप्प हो जाता है।

🌊 वर्ष 2015 में मिला था हाई स्कूल का दर्जा, आज तक नहीं बना विद्यालय पहुंचने का सुरक्षित रास्ता

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में उत्क्रमित मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय (High School) का दर्जा प्रदान किया गया था।

वर्तमान समय में यहाँ करीब 360 विद्यार्थी नामांकित हैं। इसके बावजूद विद्यालय तक पहुँचने के लिए आज तक कोई सुरक्षित मार्ग या पुल उपलब्ध नहीं कराया गया है। छात्र-छात्राओं ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि स्कूल पहुँचने के लिए उन्हें उफनती नदी पार करनी पड़ती है। कई बार जलस्तर अधिक होने पर वे बिना पढ़ाई किए आधे रास्ते से ही वापस लौट आते हैं। नदी पार करते समय उनकी यूनिफॉर्म (ड्रेस) भी भीग जाती है और हमेशा किसी बड़ी दुर्घटना का भय बना रहता है।

👨‍🏫 ‘कपड़े उतारकर पार करनी पड़ती है नदी’, शिक्षकों ने विभागीय अनदेखी पर जताया रोष

विद्यालय के शिक्षक गोपाल ने बताया कि विगत कई वर्षों से इस गंभीर जनसमस्या के स्थायी समाधान हेतु शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों को बारंबार लिखित आवेदन सौंपे गए हैं, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

शिक्षकों ने बताया कि वे भी विद्यार्थियों की भांति ही जोखिम उठाकर नदी पार करते हैं और कई बार कपड़े उतारकर नदी पार करनी पड़ती है। विद्यालय परिसर के ठीक समीप नदी होने के कारण छोटे बच्चों पर निरंतर कड़ी निगरानी रखनी पड़ती है, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटित हो। ग्रामीणों, विद्यार्थियों और शिक्षक संघ ने सरकार से अविलंब पुल निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।

🏗️ गढ़वा डीसी पीएन मिश्रा ने लिया संज्ञान, ग्रामीण कार्य विभाग की टीम को जांच कर पुल निर्माण के दिए निर्देश

इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए गढ़वा के उपायुक्त (DC) पी.एन. मिश्रा ने बताया कि मामले की सूचना प्राप्त हुई है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्रामीण कार्य विभाग और विशेष प्रमंडल की तकनीकी टीम को स्थल निरीक्षण हेतु निर्देशित किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता के साथ सड़क अथवा पुल निर्माण की स्वीकृति दी जाएगी, जिससे विद्यार्थियों की यह चिरप्रतीक्षित मांग शीघ्र पूर्ण हो सके।