ब्रेकिंग
India Maritime Strategy: इंडो-पैसिफिक में भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम, AIME-2026 से मजबूत हुआ समुद्री ... INDIA Alliance Protest: EVM और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, खरगे बोले- 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक... महात्मा गांधी जयंती पर राहुल गांधी का बड़ा ऐलान: आंदोलनों को एकजुट करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘सत... ईटानगर में ABVP की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक संपन्न: छात्र हितों और आगामी रणनीतियों पर हुआ गहन मंथन Vrindavan News: रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत से गरमाया माहौल, प्रेमानंद महाराज के दूसरे आश्रम में ... Dhanbad News: गैंगस्टर फहीम खान के घर 2004 में हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में 3 दोषियों को सजा, बॉडी... Bulandshahr Crime News: 4 महीने पहले हुआ था निकाह, पति ने पीट-पीटकर की पत्नी की हत्या; आरोपी फरार Okhla Landfill Site Visit: सीएम रेखा गुप्ता ने ओखला लैंडफिल साइट का किया निरीक्षण, 100 एकड़ जमीन कूड... AIIMS Delhi: उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने AIIMS छात्रों से की 'कॉफी पर चर्चा', सुरक्षा और मेडिकल श... नासिक फैमिली कोर्ट से आरोपी निदा खान को वारंट: पति की तलाक याचिका पर 16 अक्टूबर को पेशी के निर्देश

Dhanbad News: गैंगस्टर फहीम खान के घर 2004 में हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में 3 दोषियों को सजा, बॉडीगार्ड की हुई थी मौत

झारखंड के धनबाद जिले के चर्चित गैंगस्टर फहीम खान के वासेपुर स्थित घर पर वर्ष 2004 में हुए बहुचर्चित AK-47 हमले के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए तीनों मुख्य आरोपियों—शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।

अदालत ने करीब 22 साल बाद यह अंतिम फैसला सुनाया है, जिसके तहत दोषियों को विभिन्न गंभीर धाराओं में 10 साल तक के कठोर कारावास और आजीवन कारावास से दंडित किया गया है।

📜 अलग-अलग धाराओं और आर्म्स एक्ट में सजा: अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के दिए आदेश

न्यायालय के फैसले और कानूनी प्रावधानों का विवरण:

  • दोषियों की पहचान: कोर्ट ने सुनवाई के दौरान शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को आपराधिक षड्यंत्र और जानलेवा हमले का मुख्य दोषी माना।

  • आर्म्स एक्ट के तहत सजा: अत्याधुनिक हथियारों के अवैध इस्तेमाल और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोषियों को 7 वर्ष और 10 वर्ष तक के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।

  • सजाएं साथ-साथ चलेंगी: अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषियों को सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ (Concurrently) चलेंगी।

  • अधिवक्ता का बयान: पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शाहबाज सलाम ने मीडिया को जानकारी देते हुए अदालत के इस फैसले की पुष्टि की।

💥 29 जनवरी 2004 का वो खूनी दिन: पड़ोसी की छत पर कूदकर बची थी फहीम खान की जान

घटना के दिन का सिलसिलेवार ब्योरा और खूनी मंजर:

  • अंधाधुंध गोलीबारी: यह खूनी वारदात 29 जनवरी 2004 को घटी थी, जब वासेपुर स्थित फहीम खान के आवास पर हमलावरों ने AK-47 जैसे स्वचालित व अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी।

  • बॉडीगार्ड की मौके पर मौत: इस भीषण गोलीबारी में फहीम खान के निजी अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) विनोद शर्मा की गोली लगने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी।

  • छत से कूदकर बचाई जान: हमले के वक्त फहीम खान ने अपनी जान बचाने के लिए फौरन पड़ोसी की छत पर छलांग लगा दी थी, जिससे वह बाल-बाल बच निकला।

  • एक अन्य व्यक्ति घायल: गोलीबारी के दौरान शाहिद नामक एक अन्य व्यक्ति के पैर में भी गोली लगी थी, जो गंभीर रूप से घायल हो गया था।

  • 28 सितंबर को दोष सिद्धि: करीब 22 वर्षों तक चली लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 28 सितंबर 2026 को तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया था और सजा के बिंदु पर 3 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की थी।

🔒 हत्या, साजिश और आर्म्स एक्ट में मुहर: फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी

दोषियों पर लगी धाराएं और भविष्य की विधिक प्रक्रिया:

  • गंभीर धाराओं में दोष साबित: अदालत ने तीनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, गैरकानूनी रूप से जमावड़ा करने, जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत सजा सुनाई है।

  • 22 साल पुराने मामले का पटाक्षेप: वासेपुर के इस बहुचर्चित और सनसनीखेज गैंगवार मामले में अदालत का फैसला आने के बाद पुलिस और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

  • न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोषी: अदालत के अंतिम निर्णय के बाद तीनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया गया है और आदेश के अनुसार आगे की विधिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।