Jagdalpur News: लालबाग हाउसिंग कॉलोनी में संदिग्ध अवस्था में मिला शव, इलाके में फैली सनसनी; पुलिस जांच शुरू
कवर्धा: कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल में बसे ग्राम सेजाडीह में अब विकास की नई राह खुल गई है. प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां पहली बार पक्की सड़क बनने से ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है. सालों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे इस पहाड़ी गांव के बैगा परिवारों को अब आवागमन की बेहतर सुविधा मिल रही है.
वनांचल गांव तक पहली बार पहुंची पक्की सड़क
दुर्ग पीएमजीएसवाई के अधीक्षण अभियंता बलवंत सिंह पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.1 किलोमीटर की पक्की सड़क बनाई गई है.
पहाड़ काटकर बनाया रास्ता
इस सड़क की लागत 1 करोड़ 56 लाख 88 हजार रुपए आई है. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह काम चुनौतीपूर्ण था, जिसके लिए पहाड़ काटकर रास्ता तैयार किया गया.
दूरस्थ घाट में सड़क बनने से गांव वालों को बाजार की सुविधा हो गई है. घाटी होने के कारण कोई भी सामग्री गांव तक नहीं पहुंच पाती थी. अब जनमन के तहत आवास बनाए जा रहे हैं. स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. पक्का स्कूल भी बनाया गया है -बलवंत सिंह पटेल, अधीक्षण अभियंता
सड़क नहीं होने से गांव तक नहीं पहुंच पाती थी कोई भी सुविधा
पहले गांव तक पहुंचने के लिए संकरे और कठिन पहाड़ी रास्तों का सहारा लेना पड़ता था. मरीजों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना और किसानों के लिए उपज बाजार तक पहुंचाना बेहद मुश्किल था. ग्रामीणों को राशन, दवाई और जरूरी सामान लाने के लिए पंडरिया और कुई बाजार तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिसे वे सिर या कंधे पर ढोकर लाते थे.
सड़क बनने से ग्रामीण खुश
अब सड़क बनने से ग्रामीण बेहद खुश हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अब आवागमन की अच्छी सुविधा हो गई है. गांव में जरुरी सामान भी आसानी से मिलने लगा है.
पहले हमारे गांव में रोड नहीं था, तो हमें बहुत परेशानी होती थी. गाड़ी गांव तक नहीं आ पाती थी. अब सड़क बनने के बाद कहीं भा आना जाना कर रहे हैं. गांव तक कोई भी सामान आसानी से पहुंच रहा है- बूद सिंह धुर्वे, पंच
पीएम जनमन योजना से सड़क बन जाने से काफी सुविधा हो गई है. हर बुधवार को गांव में गाड़ी आती है. अब कोई भी सामान आसानी से गांव में मिलने लगा है –ग्रामीण महिला
ग्रामीणों ने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है. उनका कहना है कि दशकों बाद उनके गांव तक विकास की सच्ची तस्वीर पहुंची है.