ब्रेकिंग
International Yoga Day Ambikapur: अंबिकापुर में योगमय हुआ छत्तीसगढ़; सीएम विष्णु देव साय ने 5 हजार ल... Protocol Violation in Bemetara: योग दिवस कार्यक्रम में प्रशासन की चूक; पोस्टर से साजा विधायक का फोटो... NEET-UG 2026 Raipur: रायपुर में नीट परीक्षा को लेकर हाई अलर्ट; 25 केंद्रों पर बायोमेट्रिक जांच के बा... Koriya Illegal Mining News: अवैध खनिज परिवहन पर खनिज विभाग का बड़ा एक्शन; 9 वाहन जब्त, कारोबारियों मे... Rahul Gandhi in Chhattisgarh: राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा; 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में जिला अध्य... Chhattisgarh Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार जारी; मौसम विभाग ने बताया कब तक होगी एंट... GPM Crime News: मरवाही में पुलिस बनकर आए बदमाशों ने व्यापारी को किया अगवा; बंदूक की नोक पर ले उड़े क... Child Labour Rescue in Mahasamund: आयोग की अध्यक्ष ने पिकअप वाहन से छुड़ाए 6 बच्चे; बैंड पार्टी के खि... NEET-UG Re-Exam Raipur: जेल की सलाखों से परीक्षा केंद्र तक; हत्या के आरोपी छात्र ने कड़ी सुरक्षा में ... NEET-UG 2026 Durg & MCB: दुर्ग और मनेंद्रगढ़ में कड़ी सुरक्षा के बीच नीट पुनर्परीक्षा संपन्न; बायोमेट...

दिल्ली: घरवालों से क्या छिपा रहा था विशू? नाइट्रोजन गैस से लड़के के सुसाइड पर उठे सवाल

दिल्ली में नाइट्रोजन गैस से बीते दिनों छात्र की आत्महत्या के मामले में एक नया मोड़ आया है. इस बात की जानकारी सामने आई है कि मृतक छात्र विशू सिंह अपने माता-पिता को बिना बताए पीजी में रह रहा था. उसने बिना पेरेन्ट्स को बताए ही लक्ष्मी नगर में एक पीजी लिया था जहां उसने आत्महत्या की है. उसने घर पर कहा था कि वह कॉलेज के हॉस्टल में ही रह रहा है.

लक्ष्मी नगर थाना क्षेत्र में पीजी में रह रहे एक छात्र ने प्लास्टिक बैग में नाइट्रोजन गैस भरकर चेहरे पर बांधकर खुदकुशी कर ली थी. घटना के सामने आने के बाद हर कोई हैरान था. मृतक की पहचान हरियाणा के चरखी दादरी के चोपना सांवर निवासी विशू सिंह के रूप में हुई थी. मामले में हैरानी की बात ये थी कि इतने अजीब तरीके से सुसाइड करने के बावजूद भी मृतक छात्र के पास से किसी भी तरह का सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ है जिसके बाद से मामला उलझ गया है.

घर पर हॉस्टल बताकर पीजी में रहता था वीशू

पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, विशू ने पीजी में आने के बाद भी अपने घर में यही बताया था कि वह द्वारका के नेशनल लॉ युनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रहा है. उसने पीजी के कमरे में फोटो खींचकर माता-पिता को भेजकर ये दिखाया था कि वह अब भी युनिवर्सिटी के हॉस्टल में रह रहा है. विशू के परिजनों के मुताबिक, उसकी आत्महत्या के बाद ही उसके पिता भवानी सिंह को इस बात की जानकारी मिली की वह हॉस्टल में नहीं बल्कि लक्ष्मी नगर के एक पीजी में रह रह रहा था. परिजन और पुलिस इस बात से हैरान हैं कि हॉस्टल छोड़कर आखिर विशू पीजी में क्यों रहने आया था?

फोन बताता था हॉस्टल की लोकेशन

विशू के पिता भवानी सिंह भारतीय सेना में ऑफिसर हैं. माता-पिता बेटे के इस तरह से आत्महत्या कर लेने के कारण सदमे में हैं. उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर उसने झूठ क्यों बोला और आत्महत्या क्यों की? पिता का कहना है कि शायद उनसे ही गलती हो गई कि वह बेटे का दर्द भाप नहीं पाए जिसके कारण बेटे ने इतना बड़ा कदम उठा लिया. वीशू आखिरी बार कांवड़ यात्रा की छुट्टी में घर आया था, इसके बाद वो 19 अगस्त को वापस दिल्ली आ गया था. पिता ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि उनके बेटे की लाइव लोकेशन लगातार एनएलयू में दिखती रही.

बेटे की फोन की हो जांच- वीशू के पिता

उन्होंने बेटे के आईफोन की लोकेशन अपने पास रखी हुई थी. बेटे के पीजी वाले कमरे से पुलिस को तलाशी में एक आईफोन, एक आईपैड और एक कीपैड वाला फोन मिला है. पिता ने मांग की है कि बेटे की मौत की जांच की जानी चाहिए. उन्होंने पुलिस से वीशू की पेमेंट हिस्ट्री, इंटरनेट सर्फिंग और सीडीआर की जांच करने की गुजारिश की है. जानकारी के मुताबिक, पीजी मालिक कृष्णा सैनी ने पुलिस को बताया कि 29 अगस्त को विशु सिंह ने पीजी किराये पर लिया था. वह कुछ बीमार भी था. छात्र ने कुछ दिन पहले ही द्वारका के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था.

पीजी मालिक ने क्या कहा?

पीजी मालिक के मुताबिक, घटना वाली रात यानी बुधवार रात को 10:30 बजे खाना खाकर छात्र ने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया था. बृहस्पतिवार शाम तक जब छात्र ने दरवाजा नहीं खोला तो पीजी मालिक ने दरवाजा खटखटाया, तब भी छात्र ने दरवाजा नहीं खोला. मालिक ने मामले की सूचना वीशू के परिवारवालों को दीं तो वह भी हैरान रह गए क्योंकि उन्हें ये मालूम ही नहीं था कि वीशू युनिवर्सिटी के हॉस्टल में नहीं बल्कि पीजी में रह रहा था. पीजी मालिक के मुताबिक उसने दरवाजा तोड़ा तो छात्र बिस्तर पर लेटा हुआ था, उसके चेहरे पर प्लास्टिक बैग बंधा हुआ था. उस बैग में एक पाइप लगा हुआ था, जो नाइट्रोजन सिलेंडर से जुड़ा हुआ था. कमरे का एसी चल रहा था. पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि ज्यादा नाइट्रोजन शरीर में जाने की वजह से छात्र की मौत हुई है. फिलहाल पुलिस इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है.