NEET-UG Re-Exam Raipur: जेल की सलाखों से परीक्षा केंद्र तक; हत्या के आरोपी छात्र ने कड़ी सुरक्षा में दी नीट की परीक्षा
रायपुर: परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, सपनों की उड़ान को कैद करना आसान नहीं होता। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद एक छात्र कुणाल तरुणकर ने आज शिक्षा और न्याय के बीच संतुलन की एक अनूठी मिसाल पेश की। गंभीर आरोपों के चलते न्यायिक हिरासत में होने के बावजूद, हाईकोर्ट के विशेष आदेश पर उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिला।
🚓 पुलिस और जेल प्रशासन की विशेष टीम की निगरानी में परीक्षा
कुणाल तरुणकर, जो रायपुर के शिवानंद नगर का निवासी है, उसे सुबह जेल से परीक्षा केंद्र तक लाने की जिम्मेदारी पुलिस और जेल प्रशासन की एक विशेष टीम ने संभाली। एएसआई, हवलदार और सिपाहियों के सुरक्षा घेरे में उसे डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र पहुँचाया गया। सामान्य परीक्षार्थियों के बीच जेल से आए इस छात्र का वहां पहुँचना हर किसी के लिए चर्चा का विषय बन गया।
📜 हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण मानवीय आदेश
कुणाल पर एक युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर आरोप है, जिसके चलते वह BNS की धारा 108 के तहत न्यायिक हिरासत में है। हालांकि, परीक्षा की तारीख नजदीक आने पर उसके अधिवक्ता अनुकूल विश्वास ने हाईकोर्ट में अर्जेंट सुनवाई की याचिका लगाई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब तक न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक शिक्षा का अधिकार भी महत्वपूर्ण है। अदालत ने प्रशासन को छात्र को समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचाने के निर्देश दिए थे।
🌟 सपनों की परीक्षा और भविष्य की अनिश्चितता
यह मामला समाज में एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि क्या किसी व्यक्ति का शैक्षणिक भविष्य तब तक समाप्त मान लिया जाना चाहिए जब तक कि अदालत का अंतिम फैसला न आ जाए? आज रायपुर में आरोपों के बोझ और सपनों के भार के बीच कानून ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए छात्र को अपने भविष्य के लिए संघर्ष करने का एक मौका दिया। अब परीक्षा परिणाम और न्यायालय का अंतिम फैसला ही तय करेगा कि कुणाल के डॉक्टर बनने का सपना साकार होगा या नहीं।