Yashasvi Jaiswal Century in New Zealand: यशस्वी जायसवाल ने न्यूजीलैंड ए के खिलाफ जड़ा शानदार शतक, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पूरे किए 5000 रन
क्राइस्टचर्च: न्यूजीलैंड में आगामी टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बने युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का खराब फॉर्म अब पीछे छूट गया है। पिछले कुछ टेस्ट मुकाबलों से यशस्वी का बल्ला खामोश चल रहा था, और पिछली 9 पारियों में से 4 बार तो वे अपना खाता तक खोलने में नाकाम रहे थे। हालांकि, अब भारतीय खेमे के लिए राहत की बात यह है कि यशस्वी ने क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के अंतिम दिन अपने बल्ले से एक बेहतरीन और आक्रामक शतक जड़कर जोरदार वापसी की है। इस शतकीय पारी के साथ ही उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में 5000 रन पूरे करने का ऐतिहासिक मुकाम भी हासिल कर लिया है।
119 गेंदों में पूरा किया शानदार शतक, छक्का लगाकर 99 से पहुंचे तीन अंकों के स्कोर तक; फर्स्ट क्लास करियर का है यह 18वां शतक
न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए यशस्वी जायसवाल ने मात्र 119 गेंदों का सामना कर अपना शतक पूरा किया। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने 99 रन के स्कोर पर पहुंचकर एक करारा छक्का लगाया और सीधे तीन अंकों के स्कोर में प्रवेश किया। यह उनके प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) करियर का कुल 18वां शतक है। इसी ऐतिहासिक पारी के दौरान उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर के 5000 रन भी पूरे कर लिए। यशस्वी ने अपने 56वें फर्स्ट क्लास मैच की 102वीं पारी खेलते हुए यह खास उपलब्धि अपने नाम की है।
हेलमेट पर बाउंसर लगने के बावजूद नहीं डगमगाया हौसला, दर्द को दरकिनार कर मैदान पर डटे रहे यशस्वी जायसवाल
शतक की ओर बढ़ रहे यशस्वी जायसवाल को इस पारी के दौरान शारीरिक पीड़ा और चुनौती का भी सामना करना पड़ा। जब वे 87 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर खेल रहे थे और इंडिया ए की दूसरी पारी का 32वां ओवर फेंका जा रहा था, तब न्यूजीलैंड ए के तेज गेंदबाज जेरॉड मकॉय ने एक खतरनाक बाउंसर फेंकी। यह गेंद तेजी से आकर सीधे यशस्वी के हेलमेट पर जा लगी। गेंद लगने के बाद उन्हें कुछ पल के लिए दर्द महसूस हुआ और वे असहज दिखे। इसके बाद नियमानुसार उनका कॉनकाइन (Concussion) टेस्ट कराया गया, जिसमें वे पूरी तरह फिट पाए गए और डॉक्टर तथा मेडिकल टीम की हरी झंडी मिलने के बाद उन्होंने अपनी पारी दोबारा शुरू की।
पिछली 9 पारियों के खराब आंकड़ों पर लगा विराम, चार बार शून्य पर आउट होने के बाद इस शतकीय पारी से मिली बड़ी राहत
क्राइस्टचर्च की इस पिच पर न्यूजीलैंड ए के खिलाफ आया यह शतक यशस्वी जायसवाल के लिए व्यक्तिगत रूप से कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा उनकी पिछली 9 पारियों के निराशाजनक आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है। उन 9 पारियों में उनके नाम 4 बार शून्य (डक) पर आउट होने के अलावा केवल एक ही पचास से अधिक का स्कोर दर्ज था। इनमें से तीन पारियां तो उन्होंने इसी दौरे पर न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेली थीं, जिसमें उनके कुल योग से मात्र 21 रन ही आए थे। लेकिन अब न्यूजीलैंड ए के खिलाफ अपनी चौथी पारी में उन्होंने वह शानदार शतक जड़ दिया है, जो न केवल टीम इंडिया के लिए बल्कि देश-विदेश के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी भारी सुकून देने वाला है।