Dhanteras Gold Buying 2026: धनतेरस से पहले सस्ता हुआ सोना, रिकॉर्ड हाई से कीमतों में भारी गिरावट के बाद बाजारों में लौटी रौनक
नई दिल्ली: त्योहारी सीजन के इस उल्लास के बीच यदि आप भी सोने या चांदी की खरीदारी करने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद राहतभरी है। पिछले एक महीने के भीतर सोने के भाव में 7 प्रतिशत से ज्यादा की महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है। कीमतों में आई इस नरमी ने सुस्त पड़े ज्वेलरी बाजार में एक बार फिर से जबरदस्त जान फूंक दी है। जो ग्राहक बढ़े हुए दामों की वजह से अपनी खरीदारी को लगातार टाल रहे थे, वे अब धनतेरस के पावन अवसर से ठीक पहले सर्राफा बाजारों और दुकानों की ओर वापस लौटने लगे हैं। बाजार के जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले सप्ताह से ही सोने की खुदरा और थोक खरीदारी ने तेजी पकड़ ली है, और आगामी 6 नवंबर को धनतेरस तक बाजारों में यह सकारात्मक माहौल पूरी तरह बना रहेगा।
ऑल-टाइम हाई के मुकाबले काफी नीचे आए दाम, मुंबई सराफा बाजार में प्रति 10 ग्राम सोने के रेट में आई भारी कमी
प्राप्त विवरण के अनुसार, मुंबई के प्रमुख सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव गिरकर 1.37 लाख रुपये के स्तर पर आ गया है, जबकि ठीक एक महीने पहले तक यही कीमत 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ करती थी। यदि इस साल के सबसे ऊपरी स्तर (ऑल-टाइम हाई) से तुलना की जाए, तो सोना अब काफी किफायती हो चुका है। गत 29 जनवरी को सोने ने 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड ऑल-टाइम हाई बनाया था। ‘इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन’ के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता का अनुमान है कि इस बार धनतेरस के मौके पर सोने की कुल बिक्री पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 10 से 12 प्रतिशत तक अधिक रहने की पूरी उम्मीद है, क्योंकि धनतेरस को मूल्यवान धातुओं की खरीदारी के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है।
शादी-ब्याह के आगामी सीजन के लिए एडवांस बुकिंग में तेजी, चांदी के सिक्कों और गहनों की मांग में भी जबरदस्त उछाल
कीमतों में आई इस गिरावट का सकारात्मक असर न केवल त्योहारी खरीदारी पर पड़ा है, बल्कि आने वाले वेडिंग सीजन (शादी के दौर) के लिए भी लोग अभी से एडवांस बुकिंग कराने लगे हैं। जब सोने के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर भाग रहे थे, तब कई मध्यम वर्गीय परिवारों ने अपनी गहनों की खरीदारी रोक दी थी, लेकिन अब वही रुकी हुई मांग एक बार फिर बाजार में लौटती हुई दिखाई दे रही है। दुकानों पर सोने के पारंपरिक आभूषणों के साथ-साथ चांदी के सिक्कों और कलात्मक वस्तुओं की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कल्याण ज्वेलर्स के कार्यकारी निदेशक रमेश कल्याणरमन ने बताया कि धनतेरस से ठीक पहले सोने-चांदी के दामों में आई यह नरमी उन तमाम ग्राहकों के लिए एक बड़ा तोहफा है जो लंबे समय से सही कीमत का इंतजार कर रहे थे।
बजट को संतुलित रखने के लिए 18 कैरेट के आभूषणों और हल्के वजन के डिजाइनर गहनों की तरफ बढ़ा ग्राहकों का रुझान
दामों में नरमी के बावजूद ग्राहकों को अपने बजट को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिल रही है। ऑरा ज्वेल्स के कार्यकारी निदेशक विपुल शाह के अनुसार, दाम घटने से अब ग्राहक अपने तयशुदा बजट में ही थोड़े बेहतर डिजाइन और मनपसंद आभूषण चुन पा रहे हैं। हालांकि, बीते वर्षों की तुलना में सोने के भाव अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, इसलिए लोग अपना वित्तीय संतुलन न बिगड़ने देने के लिए हल्के वजन के गहनों, कम कैरेट के विकल्पों या छोटे बजट की खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। रमेश कल्याणरमन के मुताबिक, 18 कैरेट गोल्ड कलेक्शन के चलन में आने से ग्राहक कम खर्च में भी पारंपरिक और आकर्षक डिजाइन के गहने आसानी से खरीद पा रहे हैं।
मेटल के वजन से ज्यादा अब आधुनिक डिजाइनों पर टिकी ग्राहकों की नजर, डायमंड और सॉलिटेयर की मांग भी तेज
इस बार के फेस्टिव सीजन में ग्राहकों की पसंद और प्राथमिकताओं में भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। टाटा समूह की कंपनी ‘कैरेटलेन’ के सह-संस्थापक गुरुकीर्ति गुरुनाथन का कहना है कि इस बार खरीदार केवल धातु के वजन या उसकी कीमत पर ध्यान देने के बजाय गहनों की बनावट और आधुनिक डिजाइन को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। उनके अनुसार, रोजाना उपयोग में आने वाले हल्के डायमंड पीस, पारंपरिक जड़ाऊ आभूषणों के साथ-साथ सॉलिटेयर की मांग बाजार में काफी तेजी से बढ़ रही है। कुल मिलाकर, कीमतों में आई इस राहत से ग्राहकों के चेहरे खिल उठे हैं, और व्यापारियों को भी इस धनतेरस पर बेहतरीन मुनाफे की पूरी उम्मीद है।