Jharkhand Crime News: सरायकेला में खाकी पर लगा दाग, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल
जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने सरायकेला-खरसावां जिले के अंतर्गत आने वाले एक पुलिस थाने के परिसर के भीतर महिला के साथ घटी कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रविवार को दिए अपने बयान में उन्होंने इस अमानवीय घटना को “राज्य में जंगल राज की सबसे घिनौनी और शर्मनाक तस्वीर” करार दिया है। इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पुलिसकर्मी नीरज लकड़ा को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि गम्हरिया थाने के प्रभारी संजय प्रसाद समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी में भारी लापरवाही और कोताही बरतने के आरोप के चलते निलंबित कर दिया गया है।
न्याय मांगने थाने गई महिला के साथ आधी रात को हुई दरिंदगी, नियमों को ताक पर रखकर बिना महिला पुलिसकर्मी के बुलाई गई थी थाने
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि जो पीड़िता न्याय की आस लेकर कानून के रखवालों के पास गई थी, उसी के साथ आधी रात को थाने की चारदीवारी के भीतर बलात्कार जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। प्राप्त विवरण के अनुसार, बीती 29 अक्टूबर को घरेलू कलह और पति के साथ तीखी बहस के बाद महिला अपने पड़ोसी के घर चली गई थी। उसे यह आशंका थी कि यदि वह रात के वक्त घर लौटी, तो उसका पति उसके साथ मारपीट कर सकता है, इसलिए उसने पड़ोसी से कहा कि वह उसके पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए ताकि उसे सुरक्षा मिल सके।
पीसीआर वैन से थाने लाकर कमरे में ठहराई गई थी पीड़िता, ड्यूटी पर तैनात सिपाही नीरज लकड़ा पर लगा दुष्कर्म का गंभीर आरोप
बताया जा रहा है कि उस रात लगभग आधी रात के आसपास एक पीसीआर वैन उस गांव में पहुँची और संबंधित नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए, बिना किसी महिला पुलिसकर्मी की उपस्थिति के उस महिला को थाने ले आई। थाने पहुंचने पर अधिकारियों ने उसे आराम करने के लिए एक कमरा दे दिया। आरोप है कि उसी दौरान आरोपी पुलिसकर्मी नीरज लकड़ा उस कमरे में घुसा और उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया। चंपई सोरेन ने रोष जताते हुए सवाल किया कि पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य जनता की सुरक्षा करना होता है, लेकिन जब खुद थाने के भीतर ही ऐसी भयावह घटना घटे, तो एक आम नागरिक न्याय के लिए कहाँ जाए? उन्होंने यह भी कहा कि मामला तूल पकड़ने पर थाना प्रभारी और कुछ कर्मियों को निलंबित तो कर दिया गया, लेकिन क्या इस प्रकार की लीपापोती से व्यवस्था में कोई वास्तविक सुधार आएगा?
चंपई सोरेन की मांग— ‘रक्षक से भक्षक’ बने पुलिसकर्मियों को सेवा से किया जाए बर्खास्त, घटी घटना से पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल
इससे पहले शनिवार को ही चंपई सोरेन ने कड़े शब्दों में मांग उठाई थी कि जो पुलिसकर्मी समाज के रक्षक होने के बजाय खुद भक्षक बन बैठे हैं, उन्हें तुरंत सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। साथ ही, इसके लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस शर्मनाक घटना ने पूरे पुलिस प्रशासन की साख और छवि पर ऐसा अमिट दाग लगा दिया है, जो लंबे समय तक धूमिल रहेगा। उन्होंने चिंता जताई कि इस घटना के बाद अब प्रदेश की कोई भी पीड़ित महिला किसी थाने में जाने से पहले न्याय पाने की बजाय अपनी खुद की सुरक्षा को लेकर ज्यादा आशंकित और भयभीत महसूस करेगी।